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मंदसौर नारकोटिक्स विंग कस्टडी में युवक की मौत, SI सहित चार सस्पेंड - MP NEWS

नीमच / कमलेश सारडा।
ज़िला अस्पताल मन्दसौर में अचानक भारी पुलिस बल तैनात होते देख लोगों कि भीड़ जमा होने लगी, पुलिस ने भीड़ को हटाया और मुख्य गेट पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फिर लोग खुसूर- पुसूर करते देखे गए कि पुलिस वालोंं ने एक छोरे को मार डाला। जब पूरा माजरा पता किया गया तो जानकारी मिली कि नारकोटिक्स विंग ने एक युवक को गिरफ्तार किया था जिसकी कस्टडी में मौत हो गई। 

50 लाख रुपए रिश्वत नहीं दी तो पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला: परिवार का आरोप

इसके बाद अधिकारियों व् मृतक के परिजनों से जानकारी ली गई तो पूरा मामला सामने आ गया। मंदसौर जिले की सीमा से लगे प्रतापगढ़ निवासी सोहेल खान को नारकोटिक्स विंग मंदसौर ने 90 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा था। परिजनों का आरोप है कि सोहेल को पकड़ने के बाद नारकोटिक्स विंग ने उनसे फोन पर बात करते हुए 50 लाख रुपए देकर मामला रफा-दफा करने की बात कही थी। परिजनों के मुताबिक उनके पास पैसों की व्यवस्था नहीं थी। अगले दिन यानी आज मिलने को कहा गया था, लेकिन सुबह ही नारकोटिक्स विंग की ओर से सोहेल के भाई के पास फोन आया कि तुम्हारा भाई सांस नहीं ले पा रहा है, जिला अस्पताल आ जाओ। 

पूछताछ के बहाने ले गए थे, फिर तस्करी बताने लगे

जैसे ही इसकी खबर सोहेल के परिजनों को लगी, बड़ी संख्या में लोग मंदसौर रवाना हो गए। यहां पहुंचने पर पता चला कि सोहेल कि मौत हो गई है। मृतक सोहेल के परिजनों के मुताबिक सोहेल कल शुक्रवार को जुम्मे की नमाज पढ़कर दोपहर 2 बजे निकला था। काफी समय हो जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटा, तो फोन करने पर पता चला कि उसे मंदसौर नारकोटिक्स विंग पुलिस ने उठा लिया है। फोन पर सोहेल ने बताया था कि उसकी अधिकारी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि 50 लाख रुपये दे दो तो छोड़ देंगे। 

परिजनों का आरोप है कि 50 लाख रुपये की व्यवस्था करने में वे असमर्थ थे, तो रात में ही उन्होंने सोहेल को मार डाला। सुबह सोहेल के भाई के पास पुलिस का फोन आया उन्होंने बताया कि तुम्हारा भाई सांस नहीं ले पा रहा है, अस्पताल में लाए हैं, तुम आ जाओ। स्मैक तस्करी मामले में जीस युवक की मौत हुई  उसके भाई का आरोप है कि पुलिस ने मेरे भाई को लॉकअप के अंदर ही मार डाला। उसके हाथ पर गहरे निशान साफ दिख रहे हैं। मामले में मृतक के भाई ने नारकोटिक्स विंग में पदस्थ उप निरीक्षक राजमल दायमा पर पैसे मांगने ओर सोहेल को मारने का आरोप लगाया है। सोहेल के शरीर पर मारपीट के निशान साफ देखे जा सकते है। 

बहुत मुश्किल से समझे परिजन फिर हुआ पीएम, विंग के एक SI व जवान निलंबित

मंदसौर ज़िला अस्पताल में सभी थानों के टीआई, रतलाम रेंज के डीआईजी, मंदसौर एसपी के  पहुंचने के बाद अधिकारियों ने सोहेल के परिजनों को आश्वासन दिया इसके बाद सोहेल कि डेड बॉडी का पीएम हुआ। मंदसौर ज़िला अस्पताल में सभी थानों का पुलिस बल तैनात रहा। बड़ी मशक्कत के बाद परिजन माने इसके बाद डेड बॉडी का पीएम हो पाया। इधर उप निरीक्षक राजमल दायमा, प्रआर 57 पीरुलाल सोनी, आर 53 प्रशांत कैथवास, आर (चालक) 51 कमल पटेल एवं आर 39 दिनेश परमार नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर को प्रकरण की न्यायिक जांच एवं विभागीय कार्यवाही पूर्ण होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर नारकोटिक्स मुख्यालय इंदौर संबंध किया गया है। 

मादक पदार्थ पकड़ने कि बजाए तोड़-बट्टे में विंग का विश्वास

मंदसौर जीले में मादक पदार्थो कि बढ़ती तस्करी को देखते हुए राज्य सरकार ने नारकोटिक्स विंग बनाई थी। सरकार कि मंशा थी कि विंग बनने के बाद तस्करी कम होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ बल्कि विंग पकड़ने से ज्यादा छोड़ने में विश्वास रखने लगी, बदले में बस विंग द्वारा मांगी गई किमत देना होती है, ऐसे आरोप हमेशा विंग पर लगते रहे है। बहरहाल युवक कि मौत के बाद परिजनों का बुरा हाल है और पुलिस विभाग ने एहतियातन फोर्स तैनात कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा
इस मामले में एसपी श्री सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि सुबह कंट्रोल रूम में जिला अस्पताल से जानकारी मिली थी कि एक 21 वर्षीय युवक को मृत अवस्था में लाया गया है। नारकोटिक्स विंग द्वारा उसे 90 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था। जब उसकी तबीयत बिगड़ी, तो उसे यहां लाया गया था, जिसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस संबंध में नियमानुसार जांच व कार्यवाही होगी।

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