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पेट्रोल पर मनमाने TAX के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका, पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों को नोटिस जारी

जबलपुर
। सरकारी टैक्स के कारण पेट्रोल इतना महंगा हो गया है कि अब पाई-पाई का हिसाब होने लगा है। जो सरकार दीपावली के सीजन में विज्ञापन जारी करके जनता को बताती है कि मिठाई के साथ डिब्बे को तराजू पर तोलना गैरकानूनी है वही सरकार पिछले 10 साल से पेट्रोल के साथ एथेनॉल पर भी 51% टैक्स वसूल कर रही है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डबल बेंच ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मामले को सरल शब्दों में समझिए

कृपया नोट कर लीजिए, जब आप 1 लीटर पेट्रोल खरीदते हैं तो आपको मात्र 900 मिलीलीटर पेट्रोल मिलता है, 100 मिलीलीटर एथेनॉल होता है। एथेनॉल पर 5% से ज्यादा जीएसटी नहीं लगाया जा सकता। आज की तारीख में यदि एथेनॉल पर लगने वाला 51% टैक्स हटा दिया जाए तो ₹100 वाले पेट्रोल की कीमत में ₹5 से ज्यादा की राहत मिल जाएगी।

10 साल से जनता को धोखा दे रही है सरकार और पेट्रोल कंपनियां

याचिककर्ता ने बताया एक हजार मिलीलीटर पेट्रोल में वर्तमान में 7 से 10 फीसदी यानी लगभग 70 से 100 मिलीलीटर तक एथेनॉल मिलाया जा रहा है। बावजूद सरकार पूरे एक हजार मिलीलीटर पर टैक्स लगा रही है जबकि 51% टैक्स केवल पेट्रोल की मात्रा पर यानी 900 मिलीलीटर पर वसूलना चाहिए। शेष एथेनॉल की 70 से 100 मिलीलीटर मात्रा पर 5% से ज्यादा टैक्स नहीं लेना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होने से लोगों को महंगा पेट्रोल मिल रहा है। आने वाले समय में एथेनॉल की मात्रा बढ़कर 300 मिलीलीटर तक पहुंच जाएगी। पेट्रोल कंपनियों एथेनॉल की मात्रा बढ़ाती जा रही हैं लेकिन इसे दर्शाया नहीं जाता।

पेट्रोलियम मंत्रालय व ऑइल कंपनियों को बनाया है पक्षकार

याचिकाकर्ता मनीष शर्मा की ओर से अधिवक्ता सुशांत श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। इस याचिका में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय सहित सभी ऑइल कंपनियों को पक्षकार बनाया गया है। अधिवक्ता सुशांत श्रीवास्तव ने तर्क रखा कि पांच प्रतिशत टैक्स की बजाय 18 प्रतिशत केंद्र सरकार और 33 प्रतिशत टैक्स राज्य सरकार वसूल रही है। ऑयल कंपनियां अभी सात से 10 प्रतिशत इथेनॉल मिला रही हैं। इसे 2025 तक 20 प्रतिशत और 2030 तक 30 प्रतिशत तक ले जाने का टारगेट रखा गया है। 

पांच से छह रुपए सस्ता हो जाएगा पेट्रोल-डीजल

नियमानुसार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल-डीजल पर महज पांच प्रतिशत टैक्स लिया जाए, तो आम लोगों को चार से छह रुपए सस्ते में डीजल-पेट्रोल मिलेगा। सरकार ने 10 वर्षों में इस तरह से खरबों रुपए वसूल चुकी है। सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने आज चौथे दिन बुधवार को पेट्रोल व डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। 



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