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मप्र कैश कांड: मंत्रियों के सवाल पर शिवराज सिंह ने कहा: मुश्किल फैसला होगा - MP NEWS

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल लाने वाली आयकर विभाग की अप्रेजल रिपोर्ट में दिग्विजय सिंह से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक (जो इन दोनों शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री पद पर हैं) नेताओं के नाम आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना ऑफिशल स्टेटमेंट दे दिया है। 

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। शिवराज सिंह सरकार में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्रियों और विधायकों के नाम पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून अपना काम करेगा। मुश्किल फैसला होगा। इस प्रकार दो लाइन के स्टेटमेंट में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा में शामिल हो चुके नेताओं के खिलाफ भी समान स्तर की कार्रवाई होगी। भले ही वह नेता सरकार में मंत्री हो या फिर विधायक। 

मामला क्या है 
आयकर विभाग की इनवेस्टिगेशन विंग के अनुसार हवाला कारोबारी ललित चालानी के लैपटॉप से चौंकाने वाली एंट्री मिली है। जिन लोगों के यहां आयकर विभाग की कार्रवाई हुई थी, इसमें कमलनाथ के करीबी प्रवीण कक्कड़, राजेंद्र मिगलानी और रिश्तेदार रतुल पुरी की कंपनी के साथ अश्विनी शर्मा, ललित चेलानी के साथ प्रतीक जोशी शामिल रहे। ललित चेलानी के लैपटॉप से पता चला कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस के कई नेताओं को अवैध परिवहन के जरिए धन पहुंचाया गया। इसी मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए प्रस्तावित किया गया है। 

मध्य प्रदेश के इन नेताओं तक हवाला के जरिए कालाधन पहुंचा

अजय सिंह, कंप्यूटर बाबा, शाद अहमदाबाद, योगेश राठौर, रणदीप सुरजेवाला, दिग्विजय सिंह, अभिषेक मिश्रा, फुंदेलाल मार्को, विजय राघवेंद्र सिंह, ओमकार सिंह मरकाम, नारायण पट्‌टा, योगेंद्र बाबा, डॉ. असोक मर्सकोले, अर्जुन काकोदिया, संजय उइके, ब्रह्मा भलावी, भूपेंद्र मरावी, सज्जन सिंह, बाबू जंडेल, बैजनाथ कुशवाहा, प्रवीण पाठक, घनश्याम सिंह, गोपाल सिंह चौहान, तनवर लोधी, नीरज दीक्षित, विक्रम सिंह नातीराजा, शिवदयाल बागरी, सिद्धार्थ कुशवाहा, संजय यादव, शशांक भार्गव, आरिफ मसूद, गोवर्धन सिंह दांगी, बापू सिंह तोमर, महेश परमार, राजेश कुमार (सपा), राणा विक्रम सिंह, देवेंद्र पटेल, रामलाल मालवीय, मुरली मोरवाल, झूमा सोलंकी, सचिन बिड़ला, रवि रमेशचंद्र जोशी, केदार चिड़ाभाई डावर, ग्यारसीलाल रावत, चंद्रभागा किराड़े, मुकेश रावत पटेल, कलावती भूरिया, वीरसिंह भूरिया, वाल सिंह मेढ़ा, प्रताप ग्रेवाल, पांचीलाल मेढ़ा, हर्ष विजय सिंह गेहलोत, आरकेएम, मीनाक्षी नटराजन, कमल मरावी, प्रमिला सिंह, मधु भगत, देवाशीष जरारिया, शशि कर्णावत, शैलेंद्र सिंह दीवान, कविता नातीराजा, मुकेश श्रीवास्तव, ब्रजेश पटेल, बिरला लोधा आदि। 

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में गए नेता

बिसाहूलाल सिंह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, एदल सिंह कंसाना, गिर्राज दंडोतिया, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव, रक्षा संतराम सिरोनिया, प्रद्युम्न लोधी, राहुल लोधी, नारायण सिंह पटेल, सुमित्रा देवी कास्देकर एवं मनोज चौधरी। बसपा के रामबाई और संजीव सिंह कुशवाह (भाजपा के साथ) हैं।
विशेष नोट:- लेन-देन का ये सारा हिसाब 2018 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान हुआ।

आईपीएस अधिकारियों के नाम के आगे 25-25 लाख रुपए

कमलनाथ सरकार के समय पड़े आयकर छापों के दस्तावेजों में लेन-देन करने वाले बड़े चेहरों का खुलासा हुआ है। तीन आईपीएस अधिकारियों सुशोभन बैनर्जी, संजय माने, बी मधुकुमार के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, बिसाहूलाल सिंह, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, प्रद्युम्न सिंह तोमर, सज्जन सिंह वर्मा के साथ 50 से अधिक वर्तमान विधायकों व नेताओं के नाम हैं। आईपीएस अधिकारियों के नाम के आगे 25-25 लाख रुपए की राशि का जिक्र है।

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