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भारत के चार प्रमुख हॉटस्पॉट कौन से हैं, biodiversity hotspots किसे कहते हैं, भगवान से इनका क्या कनेक्शन है - Religion and science

भारत के ऋषि मुनियों ने प्राचीन ग्रंथों में जिन स्थानों को भगवान के लिए आरक्षित किया आधुनिक विज्ञान ने उन्हीं स्थानों को जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) से संबंधित चार हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया है। यह चारों ऐसे स्थान हैं जहां प्रकृति सभी को विकसित होने का पूरा अवसर देती है। यानी पृथ्वी के ऐसे क्षेत्र जहां सभी प्रकार के जीव-जंतु एवं वनस्पतियां (पेड़ पौधे आदि) अपने संपूर्ण का प्रदर्शन करते हैं। ग्रंथों में कहा गया है कि इनकी देखभाल के लिए भगवान स्वयं आते हैं। यही कारण है कि अत्याधुनिक संसाधनों से लैस मनुष्य इन क्षेत्रों में हस्तक्षेप नहीं कर पाता।

ऐसे स्थान जहां समृद्ध जैव विविधता अर्थात विभिन्न प्रकार के जीव -जंतु (Fauna) व पेड़- पौधों (Flora) की प्रजातियां अधिकता में पाए जाते हैं परंतु उनके अस्तित्व पर निरंतर संकट बना रहता है ऐसे स्थान तप्त स्थल या हॉटस्पॉट कहलाते हैं। यह सिर्फ   Tropical reasons या उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में ही पाए जाते हैं।
✔ Fauna - समस्त जीव जंतु फोना कहलाते हैं। 
✔ Flora- समस्त पेड़ फ्लोरा कहलाते हैं।

भारत में मुख्य रूप से चार हॉटस्पॉट क्षेत्र है 

✔ हिमालायई  क्षेत्र (The Himalayaas) - इसमें भूटान, नेपाल, नॉर्थ और साउथ इंडिया क्षेत्र आते हैं।
✔ पश्चिमी व पूर्वी घाट ( Western and eastern ghats) - पश्चिमी घाट  महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और श्रीलंका तक फैला है। इसमें अगस्थेमलाई पहाड़ियां, शांत घाटी, पेरियार राष्ट्रीय उद्यान आदि आते हैं। जबकि पूर्वी हिमालय, उत्तर पूर्व भारत से भूटान तक फैला है।
✔ इंडो-बर्मा रीजन (Indo - Berma reagion) - इसमें पूर्वी बांग्लादेश से मलेशिया तक का हिस्सा आता है। इसमें भारत का छोटा सा ही भाग सम्मिलित है।
✔ सुंदर वन क्षेत्र ( Sundaland)  - इसके अंतर्गत समस्त आईलैंड्स आते हैं। इसमें थाईलैंड ,सिंगापुर, इंडोनेशिया, मलेशिया तथा भारत के अंडमान निकोबार आइलैंड आते हैं।


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