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राजगिरा क्या है: अनाज, दाल, फल या फिर केमिकल, चलिए पता लगाते हैं - GK IN HINDI

भारतवर्ष के सबसे अच्छे 9 दिन (नवरात्रि) चल रहे हैं, जब गली-गली में श्रद्धा और आस्था की लहरें भक्तों के हृदय में से डर और डिप्रेशन को दूर भगातीं है। ज्यादातर लोग उपवास रखते हैं। विदेशी वृक्ष के तने से बनने वाले साबूदाने के बाद फलाहार में राजगिरा से बने व्यंजन खाए जाते हैं। जैसे राजगिरा के लड्डू, हलवा, खीर, पूरी ,पराठे, पकोड़े आदि। प्रश्न यह है कि राजगिरा क्या है। कहां से आता है। कहां पाया जाता है। खेतों में उगाया जाता है या बगीचे में मिलता है। आइए आज पता लगाते हैं:-

नवरात्रि के उपवास में राजगिरा क्यों खाया जाता है

भारत में राजगिरा को कई नामों से जाना जाता है। राजगिरा के अलावा राजगिर, चौलाई, लाल साग, रामदाना आदि नामों से भी जाना जाता है। सरल शब्दों में बताएं तो राजगीर भी भारतीय फसल या पौधा नहीं है। इसकी उत्पत्ति अफ्रीका के जंगलों में हुई है। इसे अफ्रीकी पालक भी कहा जाता है। वैज्ञानिक इसे झूठा अनाज कहते हैं और जंगली घास की एक प्रजाति के रूप में दर्ज करते हैं। कुल मिलाकर राजगिरा ना तो कोई फल है, ना दाल और ना ही अनाज। यह तो अफ्रीका के जंगलों की घास है। क्योंकि इसमें अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन और आयरन पाया जाता है अतः इसे उस समय सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है जब मनुष्य को शारीरिक श्रम करने की आवश्यकता है और उसके पास पर्याप्त भोजन ना हो। आइए अब वैज्ञानिक दृष्टि से जानते हैं कि राजगीर क्या है:-

राजगिरा का वैज्ञानिक नाम क्या है

राजगीर वैज्ञानिक दृष्टि से Amarantheceae family में आता है। जिसका वैज्ञानिक नाम  Amaranthus cruentus है। इसे African spinach (अफ्रीकन पालक) भी कहा जाता है।यह एक cosmopolitan (कॉस्मापॉलिटन ) या सर्वव्यापी, (Annual) या वार्षिक, छोटा पौधा है। इसकी कुछ प्रजातियों को लीफ वेजिटेबल्स (Leafvegetable) के रूप में उपयोग किया जाता है। यह pseudocereal (झूठा अनाज), ornamental plant (सजावटी पौधा)  तथा weed (जंगली घास) के रूप में भी उपयोगी है।

आइए जानते हैं राजगीर का आटा कैसे प्राप्त होता है

राजगीर का आटा राजगीर के पेड़ के बीज से प्राप्त होता है। जिस के बीजों को सुखाकर और पीसकर कर आटा तैयार किया जाता है। इस आटे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, रेशांक (fibre) तथा लोह तत्व उपस्थित होता है। इसके साथ ही इसमें ग्लूटेन (Gluten) नामक चिपचिपा या लसलसा पदार्थ भी पाया जाता है। जो इस आटे को लोच प्रदान करता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (current affairs in hindi, gk question in hindi, current affairs 2019 in hindi, current affairs 2018 in hindi, today current affairs in hindi, general knowledge in hindi, gk ke question, gktoday in hindi, gk question answer in hindi,)


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