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रूस में फंसे हैं मध्यप्रदेश के 20 मेडिकल स्टूडेंट, ना मास्क हैं ना सैनिटाइजर | MP NEWS

भोपाल। रूस की प्यर्म स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई करने गए मध्यप्रदेश के 20 स्टूडेंट्स अब वहीं फंस गए हैं। भारत और रूस दोनों देशों में लॉकडाउन है इसलिए उन्हे भारत नहीं लाया जा सकता। स्टूडेंट्स का कहना है कि प्यर्म स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी ने उन्हे हॉस्टल में बंद कर दिया है। ना मास्क दिए हैं ना ही सैनिटाइजेशन। यहां तक कि पोष्टिक भोजन भी नहीं दे रहे हैं। पेरेंट्स में मोटी फीस देकर बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए रूस भेजा था, अब पेरेंट्स परेशान है।

प्यर्म स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में कुल 1200 भारतीय छात्र

रूस में मंगलवार को कोराना मरीजों की संख्या 2300 पहुंच गई है। एक दिन पहले तक यह संख्या 1800 थी। भोपाल के छात्रों में संकल्प द्विवेदी, अनुज वाजपेयी, भारतेंद्र तिवारी और श्वेता। संकल्प और भारतेंद्र सेकंड ईयर के स्टूडेंट्स हैं। जबकि अनुज फर्स्ट और श्वेता थर्ड ईयर की स्टूडेंट हैं। संकल्प ने बताया कि इस कॉलेज में करीब 1200 भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। 

रूस के लोग भी लॉकडाउन को सीरियसली नहीं ले रहे

संकल्प द्विवेदी ने बताया ''मैं यहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा हूं। कोरोना संकट के चलते रूस सरकार ने लॉकडाउन कर दिया है, लेकिन लोग अब भी इसे सीरियस नहीं ले रहे हैं। सड़कों पर बेफिक्र होकर बिना किसी प्रोटेक्शन के घूम रहे हैं। 

रूस की सरकार भी लापरवाह, हॉस्टल में बिना सैनिटाइजेशन के कारंटाइंड कर दिया

संकल्प द्विवेदी ने बताया कि हमें हॉस्टल में बंद कर दिया गया है। क्लासेस बंद हैं, केवल ऑनलाइन क्लासेस हो रही हैं। न तो मास्क हैं और न सैनिटाइजर। अब तो खाने की दिक्कत भी होने लगी है। कॉलेज के मेस में पिछले दो हफ्तों से हम राजमा-चावल या फिर छोले चावल खा रहे हैं। कभी-कभार आलू की सब्जी बन जाती है। 

मजदूरों की तरह स्टूडेंट्स भी घर जाना चाहते हैं 

भारत में अचानक हुए लॉकडाउन के बाद जिस तरह महानगरों में फंसे मजदूर वापस अपना घर जाना चाहते हैं उसी तरह रूस में फंसे मेडिकल स्टूडेंट्स भी वापस घर आना चाहते हैं। संकल्प द्विवेदी का कहना है कि हमारे घर वाले भी परेशान हो रहे हैं। हम उन्हें फोन पर रोते हुए नहीं देखना चाहते। जब सारी दुनिया डरी हुई और चिंतित है ऐसे में हम अपने घरों में रहना चाहते हैं। 


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