सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के इशारे पर आरक्षण विरोधी फैसला दिया: कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष का विवादित बयान | BHOPAL NEWS
       
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के इशारे पर आरक्षण विरोधी फैसला दिया: कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष का विवादित बयान | BHOPAL NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज जातिगत आरक्षण के समर्थन में राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया एवं ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने किया। इस दौरान चौधरी ने एक विवादित बयान दिया है। चौधरी ने कहा कि आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के इशारे पर फैसला दिया। चौधरी का आधिकारिक बयान कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रेस रिलीज में भेजा गया है। याद दिला दे सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में केवल इतना कहा है कि " आरक्षण किसी नागरिक विशेष का मूल अधिकार नहीं है।"

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार डाॅ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा निर्मित संविधान के साथ खिलवाड़ कर उसे तहस-नहस करने पर उतारू हैं। भाजपा-संघ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षण को समाप्त करने का षड्यंत्र कर रही है, उनके इस षड्यंत्र को हमें कामयाब नहीं होने देना हैं, हमें सचेत रहना होगा। भाजपा झूठ बोलकर, जोर से बोलकर और बार-बार बोलकर देश को प्रदेश की जनता और खासकर दलितों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग लोगों को भ्रमित कर रही है, उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम एकजुटता के साथ भाजपा की आरक्षण विरोधी नीतियों का डटकर मुकाबला करें। प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने केंद्र के इशारे पर सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण विरोधी फैसले को नकार दिया है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के विकास के लिए कटिबद्ध है, उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।

प्रदेश कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार आरक्षण को लेकर दोहरी नीति अपना रही है। जहां दलितों, पिछड़ा वर्ग के लोगों पर कुठाराघात कर रही है, वहीं देश के संविधान को तार-तार कर डाॅ. भीमराव अंबेडकर को भी अपमानित कर रही है। उन्होेंने कहा कि प्रजातंत्र का संचालन संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर होता है। महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, मौलाना आजाद जैसे महापुरूषों के प्रयास एवं लाखों लोगों की कुर्बानी से देश को संविधान मिला, यह हमसब के लिए गर्व की बात है। वहीं भाजपा लगातार भ्रमित करने वाले बयानों और कृत्यों से अजा, अजजा और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों पर सुनियोजित तरीके से हमला कर रही है और अपने इसी एजेंडे पर भाजपा सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में असंवैधानिक रवैया अपनाया है।

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री प्रशासन प्रभारी राजीव सिंह ने कहा कि भाजपा को बेनकाब करने और अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए, भाजपा का विरोध करने के लिए कांगे्रस का आज प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत, अनुसूचित जाति और जनजाति के अध्यक्ष महेन्द्र बौद्ध एवं अजय शाह, उपाध्यक्ष प्रकाश जैन, पूर्व सांसद सत्यनारायण पंवार, विधायक कुणाल चैधरी, मनोहर बैरागी, प्रवक्ता भूपेन्द्र गुप्ता, पवन पटेल आदि ने भी आरक्षण विरोधी रवैये पर केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी-शाह देश को बर्बादी की कगार पर ले जा रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था और कानून व्यवस्था को पूरी तरह चैपट दिया है। डाॅ. भीमराव अंबेडकर के संविधान को भी तोड़-मरोड़कर देश की जनता को गर्त में धकेलने का काम कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष गुरूचरण खरे ने किया तथा अशरफ खान ने उपस्थित कांग्रेसजनों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सै. साजिद अली, विश्वेश्वर भगत, जिला एवं शहर कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मिश्रा एवं अरूण श्रीवास्तव, विधायक सुश्री रक्षा संतराम शिरोनिया, शिवदयाल बागरी, रामलाल मालवीय, प्रवक्तागण रवि सक्सेना, विभा पटेल, दुर्गेश शर्मा, आनंद तारण, जितेन्द्र मिश्रा, मिथुन अहिरवार, अब्बास हाफिस, रवि दंागी, बलवंत शाक्य, प्रताप जाटव, संजीव सक्सेना, संदीप सालोद, विष्णु करोसिया, कमल चैधरी, बी.डी. कोटिया, विनीत कुमार, अरूणा तेलंगे, प्रकाश मेहरोलिया, सोनू डेहरिया, विजय वर्मा, रामलाल अहिरवार, सीताराम भारती, आरती भगोरिया, प्रकाश महावर, सुशील हजारी, हेमंत नरवरिया, प्रदेश के सभी जिलो से आये कांगे्रस अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक धरना-प्रदर्शन में उपस्थित थे।