महिला अतिथिविद्वान ने मुंडन के बाद अपने केश राहुल गांधी व कमलनाथ को भेजे | ATITHI VIDWAN NEWS
       
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महिला अतिथिविद्वान ने मुंडन के बाद अपने केश राहुल गांधी व कमलनाथ को भेजे | ATITHI VIDWAN NEWS

भोपाल। एक महिला अतिथिविद्वान के केशत्याग से आज सारा अतिथिविद्वान समुदाय शोकमग्न हैं। कल शाहजहांनी पार्क भोपाल में 74 दिनों से धरने एवं आंदोलन में बैठे अतिथिविद्वानों ने कमलनाथ सरकार की लगातार संवेदनहीनता एवं अतिथिविद्वानों के संबंध में अब तक कोई निर्णय न ले पाने के विरोध में मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र छिन्दवाड़ा की एक मुस्लिम महिला अतिथिविद्वान डॉ शाहीन खान ने आने केशत्याग दिए थे। 

डॉ खान ने कहा था कि आज मैंने सरकार के नीति के विरोध में अपना मुंडन तक करवा दिया है, और यही मुंडन मुख्यमंत्री के छिन्दवाड़ा का विकास है। जब कमलनाथ जी अपने क्षेत्र की एक उच्च शिक्षित बेटी को न्याय और रोजगार नही दिलवा सकते फिर वे किस प्रकार पूरे प्रदेश के विकास की बात करते हैं। अतिथिविद्वान नियमितिकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ देवराज सिंह ने कहा है कि आज प्रदेश सरकार द्वारा अतिथिविद्वानों की नियमितीकरण की वर्षों पुरानी माँग से मुँह मोड़ लेने एवं लगातार संवेदनहीनता के कारण इस प्रकार की स्थिति निर्मित हो रही है की प्रदेश की एक उच्च शिक्षित बेटी को अपने भविष्य की सुरक्षा हेतु अपने केश तक त्यागने पड़े हैं। 

डॉ शाहीन खान ने अपने केशों को कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एवं स्वयं मुख्यमंत्री कमलनाथ को प्रेषित किये हैं। जिससे प्रदेश की एक बेटी की इस पीड़ा को वे समझ सकें की भविष्य के संरक्षण के लिए एक बेटी, एक माँ, किस हद तक जा सकती है।

महिला मुंडन से सरकार की चौतरफा आलोचना


अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ सुरजीत भदौरिया के अनुसार आज प्रदेश की एक उच्च शिक्षित बेटी द्वारा इस प्रकार सरकार की बेरुखी और संवेदनहीनता से तंग आकर अपने प्राणों से प्यारे एवं एक महिला के श्रृंगार के प्रतीक अपने केशों तक का त्याग करना पड़ा है। बावजूद इसके सरकार ने अब तक इस ओर कोई संज्ञान नही लिया है। 

आज प्रदेश ही नही बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सरकार की इस संवेदनहीनता की कड़ी आलोचना हो रही है। अतिथिविद्वान दो माह से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं जबकि सरकार आईफा की तैयारियों में व्यस्त हैं। फ़िल्म जगत से इतर प्रदेश सरकार को प्रदेश के बेटे बेटियों की समस्याओं का भी संज्ञान लेना चाहिए।