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मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना: आय का दायरा बदलेगा, प्रस्ताव तैयार | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना (Mukhymantri Medhavi Vidyarthi Yojana) मैं परिवर्तन करने जा रही है। अब तक हितग्राही के पालक की सालाना आय अधिकतम ₹600000 होना चाहिए परंतु अब एक नया प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसके अनुसार अधिकतम आए 7.5 लाख रुपए तय की जाएगी। शुभावी के इस बदलाव से ज्यादा छात्रों को फायदा होगा।

पालक की आय बढ़ी तो विद्यार्थी योजना से बाहर हो गए

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना वर्ष 2017-18 में शिवराज सरकार के समय शुरू हुई थी। तब यह प्रावधान किया गया था कि उन्हीं मेधावी विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार भरेगी, जिनके अभिभावकों की सालाना आय 6 लाख या इससे कम हो लेकिन, दो वर्षों में आय की इस सीमा से कई अभिभावक आगे निकल गए। लिहाजा उनके बच्चों की फीस अटक गई। इसी के बाद तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग ने नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया और उसे मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा। वित्त विभाग ने इस बिंदू पर सहमति दे दी कि छह लाख से लेकर साढ़े सात लाख तक की आय वालों की सिर्फ 75 फीसदी (यानी 25 फीसदी कम) तक ही फीस राज्य सरकार भरे। वित्त की सहमति के बाद यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए सीएम सचिवालय और कैबिनेट तक जा सकता है। 

90000 छात्रों को मिल रहा है योजना का लाभ

हर साल इस स्कीम से 30 हजार छात्र जुड़ रहे हैं। अभी इनकी संख्या 90 हजार के करीब है। एक जुलाई 2019 से अब तक तीनों सत्रों के लिए 66 हजार 915 के आवेदन विभाग को मिल चुके हैं। इसमें से 3 हजार 340 विभिन्न स्तरों पर पेंडिंग हैं।  

तकनीकी शिक्षा विभाग का ये था प्रस्ताव

1. छह लाख आय सीमा के दायरे को बढ़ाकर साढ़े सात लाख तक किया जाए और पूरी फीस भरी जाए। 
2. साढ़े सात लाख से 8 लाख 40 हजार रुपए तक 50 प्रतिशत फीस भरी जाए। 
3. यदि आय 8 लाख 40 हजार रुपए से भी अधिक हो तो फीस न दी जाए। 

मेधावी विद्यार्थी योजना हेतु क्या पात्रता है?

इस योजना के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों ने माध्य‍मिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किये हों अथवा सीबीएसई/आईसीएसई द्वारा आयोजित 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किये हों एवं मध्ययप्रदेश के निवासी होने के साथ-साथ उनके पिता/पालक की वार्षि‍क आय रूपयें 6 लाख से कम हो, ऐसे विद्यार्थियों को निम्नांकित स्नातक स्तर की शिक्षा के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत शिक्षण शुल्क राज्य् शासन द्वारा वहन किया जायेगा। योजना के अंतर्गत स्नातक स्तर हेतु व्यय शुल्क के रूप में, प्रवेश शुल्क एवं वह वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी को छोड्कर) जो शुल्क विनियामक समिति अथवा म0प्र0 निजी विश्वीविद्यालय विनियामक आयोग अथवा भारत सरकार/राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया हैं, का ही भुगतान किया जायेगा।

इंजीनियरिंग हेतु जेईई मेंन्स (JEE MAINS) परीक्षा में रैंक 1,50,000 (एक लाख पचास हजार) के अंतर्गत होने की स्थिति में शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर पूरी फीस एवं अनुदान प्राप्त/अशासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर 1.50 लाख अथवा वास्तविक शिक्षण शुल्क में जो भी कम हो।
मेडिकल की पढाई हेतु नीट (NEET) प्रवेश परीक्षा के माध्यम से केन्द्र या राज्य शासन के मेडिकल/डेंटल महाविद्यालय के एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम अथवा मध्य्प्रदेश में स्थित प्राईवेट मेडिकल के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो। भारत सरकार के संस्थानों जिनमें स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त होता है, के अभ्यर्थियों को भी पात्रता होगी।
विधि की पढाई हेतु कॉमन लॉ एडमिशन टेस्टर (CLAT) अथवा स्व‍यं के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रींय विधि विश्वविद्यालयों एवं दिल्ली विश्वतविद्यालय में प्रवेश प्राप्त किया हो।
भारत सरकार के समस्त विश्वविद्यालयों/संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं इंट्रीग्रेटेड पोस्टम ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं ड्यूल डिग्रीकोर्स (जिसमें मास्टर डिग्री के साथ बैचलर डिग्री भी सम्मिलित हैं) के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने पर।
राज्य शासन के समस्त शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में संचालित समस्त पाठ्यक्रमों एवं पॉलीटेकनिक महाविद्यालय के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (जिनमें प्रवेश 12वीं परीक्षा के आधार पर प्राप्त होता हैं) में प्रवेश प्राप्त करने पर।
अधिक जानकारी के लिये संपर्क करें: 0755-2660063