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EPFO सभी खाताधारकों के लिए आवश्यक सूचना, सावधान रहें

नई दिल्ली। भारत सरकार के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation) ने सभी प्रोविडेंट फंड खाताधारकों के नाम आवश्यक सूचना जारी की है। एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि का कहना है कि सभी खाताधारक सूचना को ध्यान से पढ़ें और ठगों से सावधान रहें। साइबर ठगों का एक या एक से अधिक गिरोह पीएफ खाताधारकों को टारगेट कर रहा है। उन्हें ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। 

EPFO OFFICE के नाम से फोन किए जा रहे हैं

सायबर ठगों ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की आधिकारिक वेबसाइट के नाम से मिलती-जुलती कई फर्जी वेब पोर्टल बना लिए हैं। जिससे सदस्यों को गुमराह किया जा सके। विभाग का कहना है कि ऐसी कई शिकायतें पूरे देश से आई हैं कि ईपीएफओ का फर्जी प्रतिनिधि बनकर फोन से सदस्यों से व्यक्तिगत डेटा मांगे जा रहे है, जो गलत हैं। एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन किसी भी सदस्य खाताधारक से इस तरह की पूछताछ नहीं करता। 

ईपीएफओ के नाम पर फर्जी फोन की देशभर से शिकायतें आ रही हैं

अब सायबर ठगों के निशाने पर ईपीएफओ खाते हैं। फर्जी पोर्टल के जरिए सदस्यों से लोन दिलाने के नाम पर उनके खाते की जानकारी मांगी जा रही हैं। जागरूक सदस्यों ने जब ईपीएफओ प्रबंधन दिल्ली को इससे अवगत कराया तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में देशव्यापी अलर्ट जारी कर दिया गया है। 

EPFO में जमा धन पर लोन दिलाने का ऑफर देते हैं

बीते छह महीनों में देशभर से लगभग 44 हजार शिकायतें उसके पास आई हैं। इनमें 2412 शिकायतें भोपाल की हैं। इनमें सदस्यों ने फोन पर खाते संबंधी डिटेल मांगने की जानकारी दी है। ये फोन ईपीएफओ सदस्य के रूप में आए। फोन करने वाले व्यक्ति जमा रकम पर लोन दिलवाने का वायदा करके डिटेल मांग रहे हैं।

सावधान रहें किसी भी लिंक को क्लिक न करें 

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से कहा गया है कि सभी सदस्य सावधान रहें। यदि किसी भी प्रकार (फोन/ईमेल/एसएमएस या व्हाट्सएप) से आपसे संपर्क किया जाता है और आपको किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित किया जाता है तो कृपया यह कतई ना करें। इससे आपका गोपनीय डाटा हैक हो सकता है। आपकी ईपीएफओ अकाउंट की सारी डिटेल साइबर ठगों के पास जा सकती हैं। साइबर अपराधी आपके पूरे खाते को खाली कर सकते हैं। 

पुलिस में शिकायत करें, मामला दर्ज कराएं

एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि यदि इस तरह का कोई भी मामला सामने आए तो पीड़ित पक्ष तत्काल इसकी शिकायत करे। पुलिस में FIR दर्ज कराएं पाकी साइबर पुलिस इस तरह की फर्जी वेबसाइट के खिलाफ कार्रवाई कर सके। याद रखें यह साइबर ठग बहुत चतुर होते हैं। अपनी वेबसाइट का यूआरएल बार-बार बदलते रहते हैं इसलिए हर मामले की शिकायत साइबर पुलिस तक पहुंचाना जरूरी है। 
जैसा कि सुधांशु सिंह, पीआरओ, ईपीएफओ दिल्ली ने बताया।
EPFO की आधिकारिक वेबसाइट का यूआरएल http://www.epfindia.gov.in/ है। 


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