उमावि शिक्षकों पर परिवीक्षा अवधि लागू नहीं होगी, राजपत्र में केवल प्रावि और मावि का उल्लेख | MP EDUCATION NEWS
       
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उमावि शिक्षकों पर परिवीक्षा अवधि लागू नहीं होगी, राजपत्र में केवल प्रावि और मावि का उल्लेख | MP EDUCATION NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही नवीन नियुक्तियों के नियम व शर्तों को लेकर कई तरह के प्रश्न सामने आ रहे हैं। एक प्रश्न यह भी है कि क्या उमावि शिक्षक (जो द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारी का पद है) पर भी परिवीक्षा अधिनियम लागू होगा। आइए पता लगाने की कोशिश करते हैं, दस्तावेजों में कहा क्या लिखा है: 

सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र में केवल तृतीय और चतुर्थ श्रेणी का उल्लेख

मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक सी3-13/2019/3/एक दिनांक 12/12/2019 के अनुसार समस्त विभाग को यह निर्देशित किया गया था कि मध्यप्रदेश में सीधी भर्ती के पदों तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में परिवीक्षा अवधि 3 वर्ष तथा उस अवधि के दौरान न्यूनतम वेतन का प्रथम द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में क्रमशः 70% 80% 90% वेतन दिया जाएगा परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के पश्चात पूरे वेतन की पात्रता होगी। 

शिक्षा विभाग के नोटिफिकेशन में भी केवल मावि और प्रावि शिक्षक का उल्लेख

दिनांक 24 दिसंबर 2019 के मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग भर्ती नियम 2018 में संशोधन कर राज्य पत्र का प्रकाशन किया गया है की स्कूल शिक्षा विभाग के नियम क्रमांक 13 परिवीक्षा अवधि को 3 वर्ष तथा वेतन की पात्रता उपरोक्त बताए गए अनुसार होगी। इस प्रकार शिक्षा विभाग ने भर्ती नियम 2018 (संशोधन 24 दिसंबर 2019) में परिवीक्षा अवधि की शर्तें केवल माध्यमिक विद्यालय शिक्षक एवं प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए लागू की है। उच्च माध्यमिक शिक्षक (जो द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारी का पद है) के संदर्भ में परिवीक्षा अवधि की शर्तें लागू करने हेतु कोई उल्लेख नहीं है। अतः यह मान लिया जाना चाहिए कि उच्च माध्यमिक शिक्षकों पर परिवीक्षा अधिनियम लागू नहीं हुआ।