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अटल पेंशन योजना में बड़े बदलाव की तैयारी | ATAL PENSION YOJANA NEW CHANGES

नई दिल्ली। भारत सरकार की सबसे लोकप्रिय पेंशन योजना अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) में सरकार अब कुछ परिवर्तन करने जा रही है। भारत सरकार की पेंशन फंड नियामक पीएफआरडी (PFRDA) ने अटल पेंशन योजना (APY) में उम्रसीमा बढ़ाने की सलाह दी है। नियामक चाहता है कि इस योजना में निवेश की उम्र सीमा 60 साल होनी चाहिए। वर्तमान में अटल पेंशन योजना में निवेश की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है। 

अटल पेंशन योजना में किस तरह के लोग निवेश कर सकते हैं 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल तक के वह सभी लोग जो असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी हैं या फिर स्वरोजगार करते हैं यानी दुकानदार, व्यापारी या प्रोफेशनल्स निवेश कर सकते हैं। 

पेंशन की रकम दोगुना करने की सलाह

पीएफआरडीए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना को रेगुलेट करता है। नियामक ने वर्तमान में हर महीनें 5000 रुपये के पेंशन की सीमा को 10000 रुपये प्रति माह भी करने की सलाह दी है। अटल पेंशन योजना के तहत गारंटीड मिनिमम पेंशन क्रमश: 1000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये और 5000 रुपये है जो 60 साल की उम्र के बाद मिलेगी। हालांकि यह अंशधारकों की तरफ से किए गए योगदान पर निर्भर करेगा। 

यदि 60 साल से पहले निवेशक की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा

अगर 60 साल से पहले ही योजना से जुड़े किसी व्‍यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो फिर उसकी पत्नी इस योजना में पैसे जमा करना जारी रख सकती है और 60 साल के बाद हर महीने पेंशन पा सकती है। दूसरा विकल्‍प यह है कि उस व्‍यक्ति की पत्नी अपने पति की मौत के बाद एकमुश्त रकम का दावा कर सकती है। अगर पत्नी की भी मौत हो जाती है तो एक एकमुश्त रकम उनके नॉमिनी को दे दी जाती है।

टैक्स छूट की लिमिट 100000 करने का प्रस्ताव

लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, पेंशन नियामक ने सरकार से यह भी कहा है कि इनकम टैक्स की धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत टीयर-1 एनपीएस अकाउंट में टैक्स छूट की सीमा को 1 लाख रुपये कर देना चाहिए। साथ ही यह भी कहा है कि सभी कैटेगरी के सब्सक्राइबर के एनपीएस के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारी की तरफ से 14 प्रतिशत टैक्स फ्री योगदान को बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। बता दें, अटल पेंशन योजना को सरकार ने साल 2015 में लॉन्च किया था. अबतक इस योजना में अंशधारकों की संख्या 2 करोड़ से अधिक हो गई है।