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भोपाल में स्वच्छता के नाम पर 50% टैक्स बढ़ाने जा रहा है नगर निगम

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम स्वच्छता के नाम पर टैक्स बढ़ाने जा रहा है। यह वृद्धि 50 प्रतिशत तक होगी। निगम अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता अभियान के लिए 7 करोड़ रुपए महीने की जरूरत है जबकि निगम के पास सिर्फ 4 करोड़ ही हैं अत: जनता पर टैक्स लगाकर शेष रकम वसूल जाएगी। 

अपनी मशीने खरीदेगा नगर नगम

पत्रकार श्री शिखिल ब्यौहार की रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम के पास अत्याधुनिक मशीनों से सफाई व्यवस्था किसी चुनौती से कम नहीं है। इंदौर समेत देश के अन्य नगर निगमों में सफाई व्यवस्था के लिए भोपाल नगर निगम से कही ज्यादा संशोधन हुए हैं। निगम प्रशासन की प्लानिंग है कि प्राप्त राजस्व से सबसे पहले गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ पोलकेन मशीनें, कचरा दबाने के लिए कंप्रेशर जैसी महंगी मशीनों की खरीदी की जाएगी। अभी तक नगर निगम बड़ी मशीनों की आपूर्ति ठेके पर करता है। इससे भी निगम पर अतिरिक्त भार पड़ता है।

यह है कचरा कलेक्शन की स्थिति

शहर में प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। निगम शहर के सभी 19 जोन के 85 वार्डों में कचरा कलेक्शन का काम 510 बड़े-छोटे वाहनों से करता है। इस कार्य में प्रतिदिन निगम के करीब 6,600 सफाई कर्मचारी लगाए जाते हैं। तेज गति से सफाई के लिए रोबोटिक मशीनें लाने की तैयारी की जा रही है।

आदमपुर व कचरा स्टेशनों की हालत सुधरेगी

भानपुर खंती की जगह अब आदमपुर छावनी स्थित लैंडफिल साइट पर पूरे शहर का कचरा डंप करना नई समस्या बन गई है। यहां कचरे से बिजली बनाने की प्लानिंग भी बजट न होने के कारण फेल हो गई है। सुधार के लिए निगम को 70 लाख से अधिक राशि की आवश्यकता है।

इनका कहना है
शहर में कहां-कितनी दरों में वृद्धि की जाए इस पर विचार मंथन कर रहे हैं। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर करने के लिए दरों में वृद्धि की जाना आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों की सहमति के बाद प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
-बी. विजय दत्ता, निगम आयुक्त