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खबर का असर: RTO मधु सिंह ने ड्यूटी निभाई, सांसद/विधायक भी डरते हैं

भोपाल। खबर का असर नजर आया है। जिस आरटीओ मधु सिंह को बचाने के लिए परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा में गलत जवाब दिया। जिसके मामले में दिग्गज कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी चुप रहते हैं। सांसद केपी सिंह यादव बयान देने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाते और विधायक वीरेंद्र रघुवंशी सवाल पूछकर सहम जाते हैं, उस आरटीओ मधु सिंह को आज ड्यूटी निभाने सड़क पर आना पड़ा। भोपाल समाचार में एक रिपोर्ट छपने के बाद RTO मधु सिंह सड़क पर उतरीं और कार्रवाई करती नजर आईं। जिस वाहन को उन्होंने पकड़ा, उसमें 32 लोग भरे हुए थे। कार्रवाई क्या हुई, बताया नहीं गया। बस यह वीडियो सामने आया है। 

मामला क्या है

मामला पूरनखेड़ी जिला शिवपुरी मेें हाल ही में हुए एक सड़क हादसे में 7 मौतों का है। यह हादसा ओवरलोड यात्री वाहन के कारण हुआ। परिवहन विभाग के लोग रिश्वत के बदले यहां अवैध ओवरलोड यात्री वाहन चलाने की अनुमति देते हैं। शिवपुरी के कुछ जागरुक लोगों ने इस बारे में हादसे से पहले सीएम कमलनाथ से लेकर क्रमश: ज्योतिरादित्य सिंधिया, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद केपी सिंह यादव एवं कलेक्टर शिवपुरी तक एक वीडियो प्रमाण सहित निवेदन किया था लेकिन किसी ने कोई एक्शन नहीं लिया, नतीजा 7 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद जांच के आदेश तक नहीं दिए गए। इसे यात्रियों की लापरवाही मान लिया गया। 

मधु सिंह को ड्यूटी निभाने की आदत नहीं है

दरअसल, मधु सिंह को ड्यूटी निभाने की आदत नहीं है। इनका रिकॉर्ड काफी कुछ बयां करता है परंतु हर नाराजगी के बाद मधु सिंह फिर से पॉवर में आ जातीं हैं। 2013 में तत्कालीन परिवहन राज्य मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने इनके कार्यालय में औचक कार्रवाई की थी। लोग घंटों इंतजार कर रहे थे। मधु सिंह कार्यालय में नहीं थीं। 2018 में जब कलेक्टर ने इसके कार्यालय में छापामार कार्रवाई की तो दलालों के पास कार्यालय की चाबियां मिलीं। मधु सिंह उपस्थित नहीं थीं। एक स्कूल ऑटो पलटा छात्र की मौत हुई तो मधु सिंह को सस्पेंड किया गया लेकिन फिर पॉवर मेंं अब गईं। 

कमलनाथ सरकार में मेडम फुल पॉवर में हैं

इनके मामले में ना तो कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कुछ बोलते हैं और ना ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव हराकर सांसद बने केपी सिंह यादव कुछ कहने की हिम्मत जुटा पाते। जलवा ऐसा कि परिवहन मंत्री ने भरी विधानसभा में इस महिला आरटीओ को बचाने के लिए झूठा जवाब दे दिया और खौफ ऐसा कि सवाल पूछने वाले विधायक ने उफ तक नहीं की। 7 चिताओं की राख सुलग रही है, जांच के आदेश तो दूर की बात किसी ने 2 शब्द तक नहीं कहे।