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दिवाली की रात BHOPAL की हवाएं भी DELHI जैसी जहरीली हो गईं थीं

भोपाल। दीपावली पर रविवार की रात हुई आतिशबाजी के कारण रात 8 बजे से देर रात 2 बजे के बीच वायु प्रदूषण बहुत खराब स्तर तक पहुंच गया था। रात 12 बजे हवा में पीएम-2.5 का स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक-मीटर (एमजीसीएम) तक जा पहुंचा था। यह दिल्ली के बराबर था। 

यह स्थित तब थी जब शाम को एक बार बारिश हो चुकी थी। यदि रात में फिर से बारिश न होती और हवाएं न चलती तो भोपाल की हवा भी दिल्ली, जयपुर और लखनऊ की तरह भयंकर प्रदूषित (वैरी पुअर या सीवियर) कैटेगरी की हो सकती थी। रात में हुई बारिश से तड़के 4 बजे के बाद एयर पीएम-2.5 और पीएम-10 दोनों का स्तर 100 एमजीसीएम से नीचे आ गया था। 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सर्वाधिक वायु प्रदूषण हमीदिया रोड पर दर्ज हुआ। यहां दिवाली की रात एक्यूआई 212.5 रहा। हालांकि पिछले साल के मुकाबले स्थिति में सुधार आया है। पीसीबी की अधिकारी डॉ. संगीता दानी के मुताबिक पिछली दिवाली पर यहां एक्यूआई 317.4 था। इस लिहाज से इस बार एक्यूआई में 105 अंकों का सुधार है।

शोर थोड़ा कम हुआ

मप्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दीपावली पर सर्वाधिक ध्वनि प्रदूषण रात 8 से 9 बजे के बीच दर्ज हुआ। अरेरा कॉलोनी-शाहपुरा के बीच इस वक्त शोर का स्तर 79 डेसीबल और गोविंदपुरा इलाके में 78 डेसीबल दर्ज किया गया। हालांकि पिछली दीपावली की अपेक्षा इस साल ध्वनि प्रदूषण 15 डेसीबल तक कम रहा।

10 साल पहले भी ऐसी ही बारिश हुई थी

इस बार दिवाली के दिन सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश देर रात तक हाेती रही। चक्रवात क्यार के असर के कारण रविवार सुबह से साेमवार सुबह तक 8.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। वरिष्ठ  माैसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि दस साल पहले 2009 में 17 अक्टूबर काे दीपावली थी। उस दिन सुबह से दाेपहर तक बारिश हुई थी।

बारिश से पटाखा बाजार को 20 करोड़ का फटका

बारिश का असर पटाखा बाजार पर भी हुआ। थोक बाजारों में 15 करोड़ रुपए से अधिक का माल नहीं बिक पाया। हलालपुर स्थित 15 बड़े पटाखा कारोबारियों ने इस बार 40 करोड़ से अधिक के पटाखे तमिलनाडु के शिवाकाशी से मंगवाए थे। इनमें से 70 से 80% पटाखे सिर्फ दिवाली के दिन बिकते हैं। लेकिन दिनभर बारिश होती रही। इससे शहर के एक दर्जन से अधिक फुटकर बाजारों से ज्यादा डिमांड नहीं निकली। नतीजतन वे पहले से ऑर्डर किया माल भी लेने नहीं आए। पटाखा थोक व्यापारी संघ के अध्यक्ष दौलतराम वासवानी ने बताया कि पटाखों की बिक्री 50% तक गिर गई। अब व्यापारियों के सामने यह सवाल है कि इतना बड़ा स्टॉक वे निकालेंगे कैसे।