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भोपाल पुलिस के 70% कर्मचारी तनाव में, 30% हृदयरोगी

भोपाल। हाल ही में शिक्षा विभाग ने अपने शिक्षकों की योग्यता के पुनर्मूल्यांकन के लिए परीक्षा का आयोजन किया था। अब पुलिस विभाग ने भी अपने कर्मचारियों का फिटनेस टेस्ट कराया है। पीटीआरआई में हुए फिट इंडिया, फिट पुलिस आयोजन के दौरान सामने आया। यहां डॉक्टरों की टीम ने पुलिसकर्मियों का हेल्थ चैकअप किया तो पता चला कि 210 में से 70 फीसदी पुलिसकर्मी तनाव में हैं। 30 फीसदी में हृदयरोग के लक्षण पाए गए हैं। बता दें कि 50 साल से ज्यादा उम्र के बीमार कर्मचारियों को वीआरएस देने की तैयारी की जा रही है। 

70 महिला पुलिसकर्मियों का हुआ हेल्थ चैकअप

हेल्थ चैकअप पीटीआरआई के सहयोग से एक गैर सरकारी संगठन फाउंडेशन ऑफ सोशल अवेकनिंग (एफएसए) ने करवाया है। इस दौरान डीजी पीटीआरआई एमबी सागर, स्पेशल डीजी केएन तिवारी, एडीजी भोपाल रेंज आदर्श कटियार, डॉ. सुब्रतो मंडल और एफएसए संस्थापक अनुराग ढोंढियाल मौजूद थे। 

व्यायाम और 7-8 घंटे नींद जरूरी

210 में से जिन पुलिसकर्मियों को कोई न कोई बीमारी मिली है उन्हें आगे जांच कराने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पुलिसकर्मी धूम्रपान न करें, नमक-शुगर का इस्तेमाल कम करें, कम तेल खाने से मोटापा नहीं होगा, व्यायाम करें, 7-8 घंटे की नींद जरूरी, खुश रहें, कोई एक खेल जरूर खेलेंं।

14 घंटे की ड्यूटी, साप्ताहिक अवकाश नहीं

मनोवैज्ञानिक काकोली राय कहती हैं कि पुलिस के ड्यूटी आवर्स दूसरे विभागों के मुकाबले ज्यादा हैं। उन्हें रोजाना 12-14 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती है। साप्ताहिक अवकाश न होने के कारण उन्हें दिमागी आराम नहीं मिल पाता। रोजाना नकारात्मक घटनाएं देखने के कारण उनका स्ट्रेस भी काफी बढ़ा रहता है। उनकी भोजन प्रणाली भी संतुलित नहीं होती। भूख लगने पर कुछ भी खा लेने की आदत के कारण उन्हें मोटापे, पेट संबंध रोग और शुगर जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

हेल्थ के लिए विभागीय कार्यक्रम जरूरी

एडीजी भोपाल रेंज आदर्श कटियार के मुताबिक ऐसी परेशानी से दूर रहने के दो तरीके संभव हैं। एक विभाग के स्तर पर और दूसरा व्यक्तिगत स्तर पर। विभाग स्तर पर उनके लिए इस तरह के हेल्थ चैकअप और योग शिविर आयोजित किए जाते हैं। ज्यादा प्रभावी असर देखना है तो उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर ही काम करना होगा। जैसे घर से टिफिन साथ लेकर निकलना, बाहर के खाने से बचना।