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खेल दिवस पर भाषण से फिट नहीं होगा इंडिया, खेल शिक्षक चाहिए | KHULA KHAT

29 अगस्त खेल दिवस के लिए पुनः एक बार एक नया फरमान जारी हुआ था खेल विभाग भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग के द्वारा कि इस दिन प्रत्येक विद्यालय में "फिट इंडिया मूवमेंट" कार्यक्रम का आयोजन किया जाए। खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित की जाए, स्थानीय मद की निर्धारित राशि का उपयोग कर चाय नाश्ता कर इतिश्री कर ली जाए, हो गया इंडिया फिट...?

बहुत दुखद है शासन की स्पोर्ट्स पॉलिसी वर्ष में सिर्फ दो बार याद आती है बच्चों के स्वास्थ्य की प्रदेश के शिक्षा जगत के अधिकारियों और नेताओं को पहला खेल दिवस और दूसरा योग दिवस। उक्त दो दिवस के औपचारिक कार्यक्रम से क्या सम्भव है हमारी आने वाली पीढ़ी को फिट बनाया जा सकता है..?

शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन एवं मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय के शिक्षा अधिकारियों की गलत खेल नीति का परिणाम है कि सन 2009 के बाद से आज दस वर्ष होने जा रहे है प्रदेश के शिक्षा विभाग एवं ट्रायबल विभाग के विधालयो में खेल शिक्षको की भर्ती नही हो सकी है या इसकी आवश्यकता ही नही समझी जा रही है, खेल के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने के इच्छुक युवा सम्बंधित क्षेत्र की डिग्री डीपीएड, बीपीएड, एमपीएड लिए बेरोजगार अपनी शासकीय सेवा की उम्र पार कर रहे है पर विधालयो में अतिथि खेल शिक्षक में भर्ती के आदेश होने के बाद भी उस पर रोक लगाना खेल शिक्षकों के प्रति सौतेला व्यवहार को साफ दर्शता है, जिसका मुख्य कारण विधालयों की खेल नीति बनाने की जिम्मेदारी ऐसे अधिकारियों को दी जाती है जिन्हें छात्र जीवन मे खेल के महत्व एवं आवश्यकता की जानकारी ही नही है। वह सिर्फ भोपाल राजधानी में रहने के लिए खेल की शाखा में बलात कब्जा किए बैठे हैं। उन्हें स्कूली खेल शिक्षा से ना ही कोई लगाव है ना ही नियत साफ है और ना ही कोई जानकारी है। 

यदि शासन ईमानदारी से फिट इंडिया मूवमेंट चाहता है तो इसकी शुरुआत प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों से खेल एक अनिवार्य विषय बनाकर प्रारम्भ करें प्रत्येक विद्यालयो में ट्रेंड खेल शिक्षको की भर्ती करें एवं खेल की नीति बनाने की जिम्मेदारी खेल प्रशिक्षितों के हाथों में सौपे तब ही "फिट इंडिया मूवमेंट" सफल होगा नही तो औपचारिकता तो हर वर्ष हो ही रही है जो कि दुखद है।

आने वाले समय मे हिंदुस्तान विश्व का सबसे युवा देश बनने वाला है यहाँ युवाओ की संख्या सबसे ज्यादा होगी पर यदि शारिरिक शिक्षा पर विशेष ध्यान नही दिया गया तो यह तय मानिए की आने वाले समय मे एक जबरदस्त मष्तिष्क के स्वामी पर हाड़ मांस का लोंदा बने युवाओं की भरमार दिखेगी हमारे देश मे और इसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ हमारी गलत और अपूर्ण स्कूल स्पोर्ट्स पॉलिसी होगी
नवजीत सिंह परिहार
प्रदेश अध्यक्ष
खेल शिक्षक संघ मप्र
मोबाइल- 9009372637