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ATITHI SHIKSHAK: सरकार ने तत्काल नियमितिकरण से किया इंकार

भोपाल। मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षक एक बार फिर वादों की ठगी का शिकार हो गए। सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने साफ कह दिया है कि अतिथि शिक्षकों को इंतजार करना होगा। मंत्री का कहना है कि सरकार का खजाना खाली है। वचन दिया है तो 5 साल में पूरा कर दिया जाएगा। मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि हमारे पास कोई पैसों का पेड़ नहीं लगा है। बता दें कि चुनाव प्रचार के समय जब 'खजाना खाली' पर सवाल किया गया था तो कमलनाथ ने कहा था कि 'मुझे मालूम है पैसा कहां से आएगा।'

वचन 5 साल के लिए होता है

सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि जनता से जो भी वादे किए गए हैं, वो सारे वादे पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक महीने में वचन पूरे नहीं किए जा सकते हैं, थोड़ा समय तो लगेगा ही। वचन 5 साल के लिए होता है। उन्होंने कहा कि कई योजनाएं हैं, जो खाली खजाने के चलते अधूरी पड़ी हैं। बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने वचन पूरा करने के लिए डेडलाइन भी तय की थी। बताया था कि कितने वजन 10 मिनट में और कितने 6 महीने में पूरे किए जाएंगे। 

विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन के 1000 रुपए भी नहीं दे पाएंगे

सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने कहा शिवराज सरकार हमारे लिए खाली खजाना छोड़ कर गई है। शिवराज सिंह सफाया करके चले गए। करीब 15 हजार करोड़ रुपए का कर्जा हमारी सरकार के लिए छोड़ गए थे। वो भी हमारी सरकार ने ही चुकाए हैं। सरकार के खाली खजाने के बीच किसानों का कर्ज माफ भी किया है। हमने 54 हजार करोड़ रुपए का कर्जा माफ करना है।अभी 20 लाख किसानों का कर्जा माफ होना है। इसी महीने से करीब 12-13 लाख किसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू होनी है। दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन में एक हजार रूपए दिए जाएंगे, लेकिन अभी खजाना खाली है।

कांग्रेस पार्टी के पास कोई पैसों का पेड़ नहीं है

सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ.गोविंद सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास कोई पैसों का पेड़ नहीं है कि पेड़ को हिलाया और पैसे नीचे आ गए। धीरे-धीरे पैसा आएगा। अतिथि शिक्षकों को सरकार की मजबूरी समझनी चाहिए, वो खुद आकर देख लें।

अतिथि शिक्षकों का हल्ला बोल

प्रदेश भर में 80 से 90 हजार के करीब अतिथि शिक्षक हैं। अतिथि शिक्षकों को कांग्रेस ने वचन पत्र में नियमित करने का वादा किया था। 90दिन में नियमित करने की बात कही गई थी। अब 8 महीने बीतने के बाद वचन पूरा ना करने से अतिथि शिक्षकों का धरना प्रदर्शन तेज हो गया है। शिक्षक दिवस के दिन हजारों की संख्या में अतिथि शिक्षकों ने सीहोर से भोपाल तक तिरंगा लेकर पैदल मार्च निकाला था।