Loading...

भारी बरसात के बीच संविदा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया | SAMVIDA KARMCHARI SAMACHAR

भोपाल। भीषण प्राकृतिक आपदा बाढ़, भूकम्प, भूसलखन जैसे आपदाओं में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों का जीवन बचाने वाले म.प्र. राज्य आपादा आपातकालीन मोचन बल के संविदा कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आ गया है।  

आपदा आपातकालीन मोचन बल के महानिदेशक (डी जी) के द्वारा संविदा कर्मचारियों को 5 महीने से वेतन नहीं दिये जाने, संविदा नहीं बढ़ाये जाने तथा उनको नौकरी से हटाने की कार्यवाही किये जाने के विरोध में आपदा मोचन बल के संविदा कर्मचारियों ने म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर के नेतृत्व में भारी बरसात के बीच में अरेरा हिल्स पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री कमलनाथ तथा गृहमंत्री बाला बच्चन से वेतन दिलवाये जाने तथा संविदा बढ़ाने की गुहार लगाई। 

इस अवसर पर एक सभा भी की गई जिसमें म.प्र. संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और निष्कासितों को बहाल करके संविदा कर्मचारियों को सौगात दे रहे हैं । वहीं विभागों में बैठे उच्च अधिकारी संविदा कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं दे रहे हैं और उनकी संविदा समाप्त करने की कार्यवाही कर रहे हैं । इसलिए मजबूर होकर संविदा कर्मचारियों को वेतन देने तथा संविदा बढ़ाये जाने के लिए भारी बरसात के बीच प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल में संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति विधिवत् अखबारों में विज्ञापन निकालकर प्रतियोगिता परीक्षा लेकर मार्च 2016 में 38 कर्मचारियों की विधिवत भर्ती की गई थी। उसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया गया जिसमें उल्लेख किया गया है कि तीन वर्ष की संविदा होने के बाद दो वर्ष के लिए संविदा और बढ़ाई जायेगी। लेकिन आपदा मोचन बल के डीजी के द्वारा अप्रैल 2019 से वेतन भी नहीं दिया और लगातार काम करवाते गये तथा अब 27 लोगों संविदा बढ़ाने से मना कर रहे हैं, दस लोगों की संविदा दो वर्ष के लिये बढ़ा दी गई हैं। 

5 जून 2018 को म.प्र. सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के द्वारा भी संविदा कर्मचारियों के सबंध में नीति निर्देश जारी किये गये थे उसमें उल्लेख किया गया था कि किसी भी संविदा कर्मचारियों को हटाया नहीं जायेगा लेकिन उसके बावजूद विभागों में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है । 1 अगस्त 2019 को राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन में मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के द्वारा अपने कक्ष में अधिकारियों की ली गई बैठक में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने तथा उनको नहीं हटाने के निर्देश दिये गये थे । उसके बावजूद प्रदेश में विभिन्न विभागों में बैठे आला अधिकारी हठधर्मिता अपनाकर सरकार विरोधी कार्य कर रहे हैं।

म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि राज्य आपदा मोचन बल के संविदा कर्मचारियों को पांच महीने का वेतन दिलाये जाने तथा संविदा बढ़ाने के लिये सोमवार को गृहमंत्री बाला बच्चन तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय कमलनाथ जी को ज्ञापन दिया जायेगा।