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मुआवजे के लिए आटे का नवजात शिशु बना लाईं महिलाएं | MPRENA MP NEWS

भोपाल। इसे लालच से पैदा हुआ फर्जीवाड़ा कहें या बेरोजगारी से पैदा हुई मजबूरी। तीन महिलाओं ने 16 हजार रुपए मुआवजा पाने के लिए आटे का नवजात शिशु बनाया और उसे कपड़े में ऐसे लपेटा कि वो नवजात शिशु का शव जैसा लगे। फिर मुआवजे के लिए क्लेम किया। एक नर्स की जागरुकता के कारण तीनों महिलाएं पकड़ी गईं। 

मामला मध्य प्रदेश के मुरैना का है। तीन महिलाएं मंगलवार की रात सरकारी एंबुलेंस (Government Ambulance) के जरिए कैलारास अस्पताल (Kailaras Hospital) पहुंचीं। अस्पताल आई तीनों में से एक महिला ने बताया कि उसने घर पर मृत बच्चे को जन्म दिया। इसी आधार पर उसने मांग की कि उसका नाम मुख्यमंत्री मैटरनिटी एंड स्कीम (Chief Minister Maternity and Scheme) के लिए अस्पताल के रिकॉर्ड (Hospital Record) में शामिल किया जाए। 

मैटरिनिटी वार्ड में भर्ती होना चाह रही थी महिला

चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने की कोशिश कर रही महिलाएं अस्पताल आई थीं। महिलाएं मैटरनिटी वार्ड (Maternity ward) में भर्ती होना चाह रही थीं। उन्होंने कहा कि एक महिला के हाथ में कपड़े में लिपटा हुआ आट से गूंथा हुआ वही 'बच्चा' था, जिसे वे मृत बच्चा बता रही थीं लेकिन सच्चाई तब सामने आ गई जब उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद नर्स को मृत बच्चे को दिखाने से इनकार कर दिया। उनके इनकार करने के बाद नर्स को संदेह हुआ और उन्होंने सीनियर डॉक्टर को बुलाया। 

झूठ कैसे पकड़ा गया

जब डॉक्टर ने उन्हे नवजात शिशु का शव दिखाने को कहा तो महिलाएं बहस करने लगीं। बहस के दौरान ही कपड़े में लिपटे हुए आटे के नवजात शिशु के पैर का पंजा टूटकर जमीन पर गिर गया और सारी पोल खुल गई। डॉक्टरों ने इसकी सूचना पुलिस (Police) को दी। पूछताछ के दौरान महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे 16 हजार रुपये का मुआवजा लेने की कोशिश कर रही थीं। फिर महिलाएं रोने लगीं और माफी मांगने लगीं। इस मामले में पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया और महिलाओं को छोड़ दिया।