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मप्र पुलिस प्रदर्शनकारी नेताओं से लाठीचार्ज की भी फीस लेगी | MP NEWS

भोपाल। जी हां, सुनने में यह अजीब जरूर लग सकता है परंतु ऐसा होने लगा है। यदि आप भोपाल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं और इस दौरान पुलिस तैनात होती है, यातायात बाधित होता है या फिर पुलिस को लाठीचार्ज करके प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना पड़ता है। कुछ भी हो पुलिस इसके लिए प्रदर्शनकारी नेताओं से फीस लेगी। पुलिस अपने खर्चे का बिल बनाकर कलेक्टर को भेज देगी। फिर कलेक्टर द्वारा नियुक्त मजिस्ट्रेट नेताजी से वसूली करेगा। यदि नेताजी पैसा देने से इंकार करते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। बता दें कि भोपाल में विरोध प्रदर्शन स्थल का किराया भी वसूला जाता है। 

मामला क्या है

भोपाल में नगर निगम ने एमपी नगर क्षेत्र में 10 साल पुरानी गुमठियों को बलपूर्वक हटा दिया था। इसके विरोध में भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह (मम्मा) ने गुमठी संचालकों के साथ मिलकर सीएम हाउस, वल्लभ भवन, पुलिस महानिदेशक और कमिश्नर के बंगले का घेराव किया था। भोपाल पुलिस ने पिछले दिनों विरोध प्रदर्शन करने वाले भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह (मम्मा) से 23 लाख 76 हजार 280 रुपए वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के प्रदर्शनों में जो पुलिस बल तैनात करना पड़ता है उसका खर्चा प्रदर्शनकारियों से ही वसूला जाएगा। योगेश देशमुख, आईजी भोपाल रेंज का कहना है कि भू-राजस्व संहिता में इसका प्रावधान है। 

पुलिस का क्या कहना है

पुलिस ने पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह (मम्मा) से 23 लाख 76 हजार 280 रुपए वसूली का प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर तरुण पिथोड़े को भेज दिया है। पुलिस ने इसके पीछे तर्क दिया है कि 20 अगस्त को पूर्व विधायक सिंह और उनके समर्थकों द्वारा सीएम हाउस सहित 12 अलग-अलग स्थानों से घेराव किया गया था। इसके चलते पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ता था। कानून व्यवस्था में पुलिस के जवानों और अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी, इसके चलते पुलिस पुलिस प्रशासनिक, विभागीय और न्यायालयीन से जुड़े काम नहीं कर पाई। आकस्मिक ड्यूटी के चलते पुलिस को 23 लाख 76 हजार 280 रुपए का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। 

अब तक क्या होता था

अब तक यदि कोई विना अनुमति विरोध प्रदर्शन करता है और इसके कारण आम जनता को परेशानी होती है या शासकीय संपत्ति को हानि होती है तो संबंधित नेता के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाते थे। पुलिस उन्हे गिरफ्तार कर लेती थी या पानी फैंककर अथवा हल्का बल प्रयोग करके प्रदर्शनकारियों को भगा दिया जाता था। 

नेता ने पैसे जमा नहीं कराए तो क्या होगा

कलेक्टर के निर्देश के बाद तहसीलदार प्रदर्शनकारी नेता को नोटिस जारी कर 7 दिन में राशि जमा करने के आदेश जारी करेगा। यदि वे राशि जमा नहीं करते हैं तो चल और अचल संपत्ति की कुर्की कर वसूली की जा सकती है।