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मप्र में आदिवासियों का साहूकारों से लिया कर्ज माफ, क्रेडिट कार्ड भी दिया जाएगा: KAMAL NATH

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आदिवासी दिवस पर बड़ा ऐलान किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने आदिवासियों का कर्ज माफ करने का ऐलान किया है। ये कर्ज आदिवासियों ने साहूकारों से लिया था। इसके साथ ही कमलनाथ सरकार आदिवासियों को कार्ड देगी, जिससे जरूरत पढ़ने पर वो 10 हजार रुपये तक निकाल सकेंगे।

सीएम कमलनाथ ने कहा कि आदिवासी महापुरुषों की याद में जबलपुर में संग्रहालय व स्मारक बनायेंगे। वनग्राम की परंपरा ख़त्म कर राजस्व ग्राम कहलाएगी। भोजन के लिये बर्तन भी उपलब्ध कराएंगे और हर हाट बाज़ार में ATM की सुविधा होगी।

कमलनाथ ने आगे कहा कि साहूकारों के पास आदिवासियों के गिरवी जमीन, ज़ेवर व समान लौटाना होंगे। अब जनजातीय कार्य विभाग अब आदिवासी विकास विभाग होगा। इसके अलावा उन्होंने ऐलान किया कि आदिवासी क्षेत्रों में 7 नये खेल परिसर खोले जायेंगे। आदिवासी परिवार में जन्म लेने पर 50 क्विंटल अनाज मिलेगा और 40 नये एकलव्य स्कूल खोले जायेंगे।

इससे पहले सीएम कमलनाथ ने विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आदिवासी समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिजन की नई पीढ़ी के विकास, उनकी संस्कृति बचाने में मदद के लिए, उनके उत्थान, भलाई और सर्वांगीण विकास के लिए वचनबद्ध है।

आज विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासियों के हित में क्रांतिकारी फ़ैसले लिये -
सभी आदिवासी विकासखंडो में आदिवासियों ने जो साहूकारों से कर्ज़ लिया है , वह सभी क़र्ज़ माफ़ होंगे।
आदिवासियों को कार्ड देंगे , जिससे वो 10 हज़ार तक ज़रूरत पढ़ने पर निकाल सकेंगे।

कमलनाथ ने ट्विटर पर लिखा कि विश्व आदिवासी दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज का दिन आदिवासी समुदाय की भाषा, संस्कृति, परम्परा, इतिहास के संरक्षण और उनके विकास के लिये संकल्पबद्ध होने का है। हमारी सरकार आदिजन की नई पीढ़ी के विकास, उनकी संस्कृति बचाने में मदद के लिए, उनके उत्थान, भलाई व सर्वांगीण विकास के लिये वचनबद्ध है।

ये घोषणाएं कीं

ऽ आदिवासियों को डेविट कार्ड देंगे, जिससे वो 10 हजार रूपये तक जरूरत पढ़ने पर निकाल सकेंगे।
ऽ साहूकारों के पास आदिवासियों के गिरवी जमीन, जेवर व समान लौटाना होंगे।
ऽ बगैर लायसेंस के आदिवासी विकासखंडों में कर्ज बांटना गैरकानूनी होगा।
ऽ जनजातीय कार्य विभाग अब आदिवासी विकास विभाग होगा।
ऽ आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के लिये 7 नये खेल परिसर खोले जायेंगे।
ऽ आदिवासी परिवार में जन्म लेने पर 50 किलो अनाज मिलेगा।
ऽ 40 नये एकलव्य स्कूल खोले जायेंगे।
ऽ आदिवासी महापुरुषों की याद में जबलपुर में संग्रहालय व स्मारक बनाये जायेंगे।
ऽ वनग्राम की परंपरा खत्म कर, अब राजस्व ग्राम कहलाएगी।
ऽ भोजन के लिये बर्तन भी उपलब्ध कराएँगे।
ऽ हर हाट बाजार में एटीएम (ATM) की सुविधा होगी।
ऽ आदिवासी मुख्यमंत्री मदद योजना प्रारंभ होगी।