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BHOPAL को UDAIPUR जैसा पर्यटक स्थल बनाने की शुरूआत | BHOPAL NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश राजधानी भोपाल जुलाई से लेकर मार्च तक किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लगती है। खासतौर से बारिश के मौसम में इसकी सुंदरता देखने लायक होती है। इसे अब देश भर में प्रचारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक भोपाल की तरफ आकर्षित हों। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। 

उदयपुर की तरह भोपाल में भी गाइड मिलेंगे

इसके लिए सबसे पहले शहर के सभी पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने और गाइड तैनात किए जाने पर विचार चल रहा है। बताया जाता है कि मप्र पर्यटन निगम राजस्थान के उदयपुर शहर की तर्ज पर भोपाल के लिए योजना बनाएगा। शहर के सभी पर्यटन स्थल पर गाइड होंगे और उनकी पूरी जानकारी लिखी जाएगी। वहीं शुल्क की भी जानकारी दी जाएगी। 

धार्मिक स्थलों को भी लिस्ट किया जाएगा

इसमें विभिन्न धर्मों के धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया जाएगा। जैसे बिड़ला मंदिर, ताज उल मसाजिद, मनुआभान टेकरी आदि शामिल हाेंगे। पर्यटन स्थलाें के नक्शे लगाए जाएंगे और वहां तक पहुंचने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के बाहर भी शहर के पर्यटन स्थलों की पूरी जानकारी दी जाएगी। कुछ स्थानों को नो सेल्फी जोन भी घोषित किया जा सकता है। 

उदयपुर और भोपाल में कई समानताएं

उदयपुर और भोपाल में कई समानताएं हैं। उदयपुर और भोपाल दोनाें ही शहरों में अनेक झीलें और आसपास डेम हैं। कुछ मामलों में तो भोपाल आगे है। जैसे शहर के आसपास जंगल और वाइल्ड लाइफ हैं। इसके बाद भी पर्यटक भोपाल में कम आते हैं। विदेशी सैलानी तो न के बराबर आते हैं। 

ऐतिहासिक इमारतों का रिनोवेशन करवाया जा रहा है

इस बात को ध्यान में रखहर कई ऐतिहासिक इमारतों का रिनोवेशन करवाया जा रहा है। इसके तहत सदर मंजिल में काम जारी है। भोपाल रियासत से जुड़ी सभी इमारतों को बेहतर बनाने की योजना वर्तमान सरकार की भी है। इसमें इस्लाम नगर को प्रमुखता से डेवलप किया जाएगा। योजना में भोपाल का ताल, इस्लाम नगर, रायसेन का किला, भोजपुर मंदिर और भीम बैठका को मिलाकर टूरिस्ट सर्किट विकसित करने की तैयारी है। इसमें रायसेन का किला, भोजपुर मंदिर और भीम बैठिका को एक कॉरिडोर में शामिल करने की योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। शहर में मनुआभान टेकरी और दूसरे खतरनाक स्थलों को नो सेल्फी जोन घोषित किया जा सकता है। इन स्थानों पर एक अलग सेल्फी पाइंट बनाया जाएगा। वहीं सभी स्थलों की जानकारी के लिए बड़े बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को पता रहे हैं कि किस जगह का क्या इतिहास है? 

सुझाव लेकर करेंगे सुधार 

प्रदेश के पर्यटन स्थलों को तो बेहतर बनाएंगे ही, लेकिन राजधानी पर हमारा ज्यादा फोकस है। यहां अधिक से अधिक टूरिस्ट आएं, ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे पास अन्य राज्यों के पर्यटन स्थलों से भी अधिक झील और डेम है तो हम भी पर्यटन में रोजगार पैदा कर सकते हैं। इसी पर लोगाें से सुझाव मांगे हैं और जल्द ही बदलाव किए जाएंगे। 
सुरेंद्र सिंह बघेल, मंत्री, पर्यटन विभाग