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प्रिय कैलाशजी, कच्चे खिलाड़ी को टिकट ही क्यों दिलवाया | MP POLITICAL NEWS

भोपाल। इंदौर के भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) के पुत्र मोह से अब कौन परिचित नहीं हैं। इंदौर के पार्षद के लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक सब इस पर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। देखिए, क्या हालात बन गए हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी जिंदगी में तमाम परिश्रम करके जो नाम कमाया था उस पर कैसा दाग लगा है। सारी जिंदगी सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को नसीहतें देते रहे कि अपने बेटे को समझदार कैसे बनाएं, और इस सब में अपने बेटे को समझदार बनाना भूल गए। बीते रोज उन्होंने अपने बेटे को कच्चा खिलाड़ी बताया था। प्रश्न सिर्फ इतना सा है कि जब खिलाड़ी कच्चा था तो सीधे विधानसभा का टिकट क्यों दिलवा दिया। कुछ वक्त नगर निगम में बिताने देते। 

पुत्रमोह मेे अंधे कैलाश विजयवर्गीय 

कैलाश विजयवर्गीय को अब अन्य कई नेताओं की तरह पुत्रमोही नेता माना जाएगा। 2013 के चुनाव में भी वो अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) को विधायक बनाना चाहते थे। शिवराज सिहं (Shivraj Singh) के कारण बात नहीं बनी तो 2018 में कैकैई की तरह हठ पकड़कर बैठ गए। लम्बे समय तक टिकट ही फाइनल नहीं होने दिया। तमाम तमाशा चलता रहा। चुनाव के समय ऐलान किया कि मैं चुनाव प्रचार नहीं करूंगा, फिर अमित शाह की 2 रैलियां करवाईं, खुद भी प्रचार में कूद गए। बोले आकाश यदि 15 हजार से कम वोटों से जीता तो मैं समझूंगा, नतीजा आकाश की जीत का अंतर 15 हजार से कम रहा। कदम कदम पर पार्टी नेता, हालातों ने, नेताओं ने यहां तक कि जनता ने यह बताया कि आपका बेटा कच्चा खिलाड़ी है, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय थे कि माने ही नहीं। 

अब क्या स्थिति है

पीएम नरेंद्र मोदी (PM MODI) ने आकाश विजयवर्गीय और इंदौर के उन सभी नेताओं को भाजपा से निष्कासित करने के लिए कह दिया है जो आकाश विजयवर्गीय की हिंसक कार्रवाई का समर्थन कर रहे थे। यदि आकाश को पार्टी से निकाला तो विधायक पद भी चला जाएगा। लोग तर्क दे रहे हैं कि इससे भाजपा का एक विधायक कम हो जाएगा परंतु पीएम मोदी का कहना है कि इससे पार्टी को कोई अंतर नहीं पड़ता। अब कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे को बचाने के लिए अपनी सारी ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में तमाम परिश्रम करके उन्होंने जो प्रतिष्ठा और विश्वास अर्जित कर लिया है, उसके मूल्य पर आकाश को बचाया जा रहा है। कितना अच्छा होता कैलाशजी, सोनिया गांधी के बेटे की समीक्षा के साथ कभी अपने बेटे की भी समीक्षा कर लिए होते।