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GWALIOR SDM दीपशिखा के खिलाफ सभी डॉक्टरों की हड़ताल, JAH में इमरजेंसी होगी

ग्वालियर। एसडीएम दीपशिखा भगत (DEEPSHIKHA BHAGAT SDM / DEPUTY COLLECTOR) द्वारा सरकारी डॉक्टर प्रतिभा गर्ग (GOVERNMENT DOCTOR PRATIBHA GARG) के प्राइवेट क्लीनिक पर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन (STING OPERATION) मामले में ADMINISTRATION बैकफुट पर हैं और शहर के सभी सरकारी व प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल (ALL DOCTORS STRIKE) पर चले गए हैं। वो एसडीएम द्वारा की गई कार्रवाई से नाराज हैं एवं एसडीएम व डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। रविवार को ग्वालियर शहर में कोई ओपीडी नहीं होगी। केवल सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं दीं जाएंगी। 

मामला क्या है

जयारोग्य अस्पताल समूह की एसोसिएट प्रोफेसर व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रतिभा गर्ग निजी क्लीनिक भी चलाती हैं। महिला एसडीएम दीपशिखा भगत उनके क्लीनिक पर मरीज बनकर पहुंची और 2 महीने की प्रेग्नेंसी बता कर गर्भपात के लिए बात की। महिला एसडीएम ने दावा किया कि प्रतिभा गर्ग ने ऑपरेशन की हामी भर दी थी। एसडीएम ने क्लीनिक से ही पुलिस को फोन कर उसे सील कर दिया। महिला डॉक्टर को उठाकर विश्वविद्यालय थाने में बैठा दिया। महिला डॉक्टर प्रतिभा गर्ग को 9 घंटे तक हिरासत में रखा गया फिर रिहा कर दिया गया। उनके खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। 

डॉक्टर हड़ताल पर क्यों गए

डॉक्टर प्रतिभा गर्ग के पति प्रदीप गर्ग भी डॉक्टर हैं। इस घटनाक्रम के दौरान ही एसोसिएशन के लोग और तमाम डॉक्टर पुलिस थाने पहुंच गए थे। डॉक्टरों का कहना है कि यदि स्टिंग ऑपरेशन किया गया है तो उसके सबूत भी होंगे। कोई वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी। उसे पेश करें और डॉक्टर प्रतिभा गर्ग के खिलाफ कार्रवाई करें। यदि कोई सबूत नहीं है तो फिर यह माना जाए कि एसडीएम दीपशिखा भगत अवैध वसूली के लिए डॉक्टर प्रतिभा गर्ग के पास गईं थीं। डॉ. प्रतिभा ने इंकार किया तो दवाब बनाने के लिए बिना किसी कारण के क्लीनिक सील कर दिया और डॉक्टर को हिरासत में लिया गया।