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RSS के 5000 स्वयं सेवकों से भोपाल की शांति को खतरा: कांग्रेस का आरोप | BHOPAL ELECTION NEWS



भोपाल। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आरएसएस के 5000 बाहरी स्वयं सेवकों से भोपाल की शांति को खतरा है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वो बाहर से भोपाल में आने वाले उन सभी 5000 स्वयं सेवकों की लिस्ट भाजपा से मांगे जो चुनाव प्रचार में भाग लेने वाले हैं ताकि कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने पर बाहरी स्वयं सेवकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। 

कांग्रेस ने भोपाल लोकसभा क्षेत्र में 2400 से ज्यादा बूथों पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के दो-दो स्वयं सेवकों के मौजूद रहने के संघ के निर्णय पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए इसे आपत्तिजनक बताया है और आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की है। उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह सतर्कता की दृष्टि से बूथों पर पदस्थ होने वाले स्वयं सेवकों की सूची, उनके पते और मोबाइल नंबरों की जानकारी भाजपा से प्राप्त करें, ताकि यदि वे अन्य प्रांत और जिलों से आये हों तो उन्हें मतदान के दो दिन पूर्व भोपाल लोकसभा क्षेत्र से हटाया जा सके।

कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी.एल. कांताराव से मिलकर इस आशय का पत्र सौंपा। शिकायत पत्र में लिखा है कि विगत 28 अप्रैल के समाचार पत्रों में एम.कृष्ण गोपाल का उल्लेख करते हुए छपा है कि भोपाल में हर बूथ पर भाजपा कार्यकर्ता के साथ दो स्वयंसेवक भी रहेंगे। समाचार में इस बात का भी उल्लेख है कि शिशु मंदिर संस्था, ए.बी.वी.पी, विहिप, बजरंग दल के साथ 203 सेवाबस्तियों मे संघ एक्टिव हो गया है। जाहिर है कि भोपाल का साम्प्रदायिक सौहार्द, जाति और धर्म की आड़ में बिगड़ने की पूरी पूरी संभावना है। साथ ही धार्मिक स्थलों पर भी साम्प्रदायिक माहौल खराब होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस आयोग से आग्रह किया है कि बूथों पर तैनात होने वाले संघ के 5000 स्वयं सेवकों की सूची भाजपा से प्राप्त की जाए और उन पर गहन निगरानी की जाए, जो निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए बहुत जरूरी है। यह भी संभावना है कि संघ के ये कार्यकर्ता दूरस्थ प्रदेशों से आए हैं, जिनको पोलिंग बूथ पर बैठाना आचार संहिता का भी उल्लंघन होगा, तथा किसी अवांछित घटना के समय इन्हें पहचानना भी मुश्किल होगा।

अतः कांग्रेस पार्टी आग्रह करती है कि इन संभावित स्वयं सेवकों की सूची, स्थायी निवास पतों, मोबाइल नंबर सहित प्राप्त की जाए, ताकि यदि वे दूसरे प्रांत या जिलों से आए हों तो उन्हें मतदान के दो दिन पूर्व शहर से बाहर किया जा सके। निष्पक्ष एवं तटस्थ चुनाव की यह आवश्यकता है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से यह भी जानकारी ली जाए की गैर राजनैतिक संगठन होते हुए भी वे अपने कार्यकर्ताओं को राजनैतिक दायित्व में क्यों झोंक रहे हैं?