NAVRATRI: नौ दिनों में किस दिन माँ को क्या भोग लगाएं | RELIGIOUS NEWS

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NAVRATRI: नौ दिनों में किस दिन माँ को क्या भोग लगाएं | RELIGIOUS NEWS


नई दिल्ली। इस वर्ष चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2019) 6 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं. नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है. तिथि और देवी के अनुसार उन्हें अलग-अलग चीजों का भोग लगाया जाता है.

चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2019) के पहले दिन यानि 6 अप्रैल को मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है. इस दिन माता को गाय के दूध से बने पकवानों का भोग लगाया जाता है. पिपरमिंट युक्त मीठा मसाला पान, अनार और गुड़ से बने पकवान भी देवी को अर्पण किए जाते हैं. वहीं फल में देवी शैलपुत्री को एक अनार का फल जरूर चढ़ाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि अनार चढ़ाने से देवी जल्द प्रसन्न होती हैं. अनार उनका प्रिय फल भी माना जाता है.  

नवरात्र (Chaitra Navratri 2019) के दूसरे दिन यानि 7 अप्रैल को मां दुर्गा की ब्रह्मचारिणी के रूप में पूजा होती है. मातारानी को को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाया जाता है. देवी को इस दिन पान-सुपाड़ी भी चढ़ाएं. इस दिन प्रसाद के तौर पर देवी को 2 सेब का भोग लगाया जाता है.  


तीसरे दिन यानि 8 अप्रैल को देवी चंद्रघंटा को दूध या दूध से बनी चीजें अर्पित करनी चाहिए. गुड़ और लाल सेब भी मैय्या को बहुत पसंद है. ऐसा करने से सभी बुरी शक्तियां दूर भाग जाती हैं. देवी चंद्रघंटा को 3 केले भी अर्पण करें. 

चौथे दिन माता 9 अप्रैल के चौथे स्वरूप यानि इस दिन देवी कुष्मांडा की पूजा होती है. इनकी उपासना करने से जटिल से जटिल रोगों से मुक्ति मिलती है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. इस दिन माता को मालपुए का भोग लगाएं. चौथे दिन देवी कुष्मांडा को 4 नाशपाती का भोग लगाया जाता है.   

नवरात्र (Chaitra Navratri 2019) के पांचवे दिन यानि 10 अप्रैल को देवी स्कंदमाता की की गई पूजा से भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति होती है. नवरात्र के पांचवे दिन देवी को लगाएं केले का भोग या फिर इसे प्रसाद के रूप में दान करें. इस दिन बुद्धि में वृद्धि के लिए माता को मंत्रों के साथ छह इलायची भी चढ़ाएं. फल में देवी स्कंदमाता को अंगूर के 5 गुच्छे चढ़ाएं.    

छ्ठे दिन यानि 11 अप्रैल को देवी कात्यायनी की आराधना से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है. शहद का भोग लगाकर मां कात्यायनी को प्रसन्न किया जाता है. कात्यायनी माता को फल में 6 अमरूद भी अर्पित कर उन्हें प्रसन्न करें. 

नवरात्र (Chaitra Navratri 2019) के सांतवे दिन यानि 12 अप्रैल को कालरात्रि की पूजा की जाती है. भूत-प्रेतों से मुक्ति दिलवाने वाली देवी कालरात्रि की उपासना करने से सभी दुख दूर होते हैं. माता को लगाएं गुड़ के नैवेद्य का भोग. नवरात्र के सांतवे दिन 7 चीकू का प्रसाद लगाएं. 

नवरात्र के आंठवें दिन यानि 13 अप्रैल को महागौरी के स्वरूप का वंदन किया जाता है. इस दिन देवी को नारियल प्रसाद चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. महागौरी की पूजा करने के बाद पूरी, हलवा और चना कन्याओं को खिलाना शुभ माना जाता है. महागौरी को फल में शरीफा का प्रसाद चढ़ाएं. इनकी पूजा से संतान संबंधी परेशानियों से छुटकारा मिलता है.   

नवरात्र (Chaitra Navratri 2019) के आखिरी दिन यानि 14 अप्रैल को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. मां सिद्धिदात्री को जगत को संचालित करने वाली देवी कहा जाता है. इस दिन माता को हलवा, पूरी, चना, खीर, पुए आदि का भोग लगाएं. नवरात्र के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री को 9 संतरे का प्रसाद लगाना शुभ माना जाता है.