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MPTET-2 का पेपर YOU-TUBE पर अपलोड हुआ, MPPEB के पास कोई जवाब नहीं

भोपाल। मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग के लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (व्यापमं) द्वारा आयोजित की जाने वाली माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-2 का 22 फरवरी काे हुआ विज्ञान का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। यह पेपर यू-ट्यूब पर अपलोड हुआ। बता दें कि परीक्षा केंद्र या परीक्षार्थी के स्तर पर यह लीक नहीं हो सकता। अत: संदेह पैदा होता है कि एक बार फिर माफिया की पकड़ अंदर तक है और परीक्षा घोटाला चल रहा है। 

150 में से 10 प्रश्न यू-ट्यूब पर अपलोड किए गए थे

ये पेपर एग्जाम के पहले अपलोड किया गया या बाद में डाला गया इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि मामला उजागर होते ही यू-ट्यूब से लिंक हटा ली गई। विज्ञान के इस पेपर में करीब 150 प्रश्न आए थे, जिसमें से 10 प्रश्न यू-ट्यूब में अपलोड किए गए। एग्जाम में शामिल होने वाले कुछ कैंडीडेट्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह वही प्रश्न हैं जो परीक्षा में आए थे। इससे यह भी संदेह प्रबल होता है कि माफिया ने कुछ लोगों को अतिरिक्त नंबर दिलाने के लिए यह हरकत की है। सामान्यत: इसके लिए वाट्सएप का यूज किया जाता है परंतु इस बार यू-ट्यूब पर उपयोग क्यों किया गया, यह जांच का विषय है। 

बाहर से पेपर लीक हो ही नहीं सकता

किसी ने पेपर का फोटो लेकर इसे यू-ट्यूब पर डाला है। इस मामले में गंभीर बात यह है कि यह परीक्षा केंद्र स्तर पर नहीं हो सकता क्योंकि परीक्षा केंद्र में किसी को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होती। क्यों ना यह संदेह किया जाए कि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के अंदर या फिर परीक्षा के लिए तकनीकी काम करने वाली कंपनी के सर्वर रूम से यह पेपर लीक किया गया। शायद जिसने यह पेपर लीक किया, उसका वाट्सएप ब्लॉक हो गया होगा, इसलिए उसने यू-ट्यूब पर डाला और फिर हटा लिया। 16 फरवरी से शुरू हुई ये परीक्षा 10 मार्च तक चलेगी। करीब 4.50 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए हैं।

व्यापमं को जानकारी है परंतु जांच शुरू नहीं हुई

विशाल जोशी, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, पीईबी का कहना है कि यू-ट्यूब में पेपर शेयर होने की जानकारी हमें भी मिली थी। ऑनलाइन होने वाले एग्जाम कोडिंग फॉर्म में होते हैं। परीक्षा के पहले कोई स्क्रीन देख ही नहीं सकता। एग्जाम के बाद ही मॉडल अन्सार अपलोड होते हैं। बता दें कि इस मामले में अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई है जबकि यह एक गंभीर साइबर अपराध है। क्या इस बार भी व्यापमं घोटाला पार्ट-2 है।