सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स को मेडिकल व इंजीनियरिंग की फ्री कोचिंग मिलगी | MP NEWS

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सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स को मेडिकल व इंजीनियरिंग की फ्री कोचिंग मिलगी | MP NEWS


अंजली राय, भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूल के बच्चे अब अपने ही ब्लॉक मुख्यालय पर मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी निशुल्क कर सकेंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कोटा (राजस्थान) की एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से अनुबंध कर लिया है। इसके लिए इंस्टीट्यूट इंदौर में सेंटर खोलेगा।

कोचिंग की शुरुआत अगले सत्र से होगी। कोचिंग प्रदेश के 313 उत्कृष्ट विद्यालयों में एक साथ एक ही समय पर लगेगी। एक समय में करीब 200 बच्चे एकसाथ कोचिंग ले सकेंगे। सुबह 9 से 11.35 बजे तक 12वीं की एवं 11.35 से दोपहर 1.45 बजे तक 11वीं की कक्षाएं लगाई जाएंगी। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने कोचिंग के लिए आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी व उत्कृष्ट स्कूल के प्राचार्य को जिम्मेदारी दी गई है। आदेश में कहा है कि प्रतिदिन कोचिंग शुरू होने के आधे घंटे पहले सभी सेंटरों को अपना वर्चुअल अकाउंट लॉग इन करना होगा। ताकि कोई भी तकनीकी खराबी आने पर उसे तत्काल दूर किया जा सके।

फिलहाल ऑनलाइन क्लास के हिसाब से संसाधन नहीं
जिन सरकारी स्कूलों में कोचिंग सेंटर शुरू किया जाना है उनमें अधिकतर स्कूल ऐसे हैं, जहां वर्चुअल क्लास (ऑनलाइन कक्षाएं) के हिसाब से संसाधन नहीं हैं। इन स्कूलों में कम्प्यूटर, बिजली व हार्डवेयर की व्यवस्था नहीं है। फिलहाल प्रदेश के 313 स्कूलों में से केवल 35 स्कूलों में ही ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था है।

विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 35 उत्कृष्ट विद्यालयों में 18 दिसंबर से कक्षाएं शुरू की गई थी। अगले सत्र से सभी स्कूलों में व्यवस्था बनाकर सुचारू रूप से नियमित तौर पर कक्षाएं लगेगी।

इनका कहना है
सभी सरकारी स्कूलों के 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मेडिकल व इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाएगी। 18 दिसंबर से इसकी शुरुआत की गई थी, लेकिन अगले सत्र से नियमित कोचिंग क्लास लगेंगी।
जयश्री कियावत, आयुक्त, डीपीआई

सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिले के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय और बैरसिया हायर सेकंडरी स्कूल में कोचिंग लगेगी। अन्य स्कूलों में भी कोचिंग की व्यवस्था होगी। 
धर्मेन्द्र शर्मा, डीईओ, भोपाल