LOKSABHA CHUNAV HINDI NEWS यहां सर्च करें





खबर का असर: शिप्रा आए श्रृद्धालुओं को कीचड़ स्नान कराया, CM ने दिए जांच के आदेश | MP NEWS

06 January 2019

भोपाल। मध्यप्रदेश में आम नागरिकों की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सत्ता तक पहुंचाने का धर्म भोपाल समाचार डॉट कॉम यथाशक्ति निभाता आ रहा है। एक और खबर का असर हुआ है। 05 JANUARY 2019 को 'हे भगवान! शिप्रा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को प्रदूषित पानी से नहला दिया' खबर लिफ्ट कराई थी। सीएम कमलनाथ ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। 

क्या है मामला
शनिश्चरी अमावस्या पर त्रिवेणी घाट पर जुटे हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए तरस गए। यहां शिप्रा सूखी थी। प्रशासन ने फव्वारों से स्नान का इंतजाम किया था लेकिन ऐनवक्त पर ज्यादातर फव्वारे बंद हो गए। श्रद्धालुओं ने कीचड़ से सने पानी के शरीर पर छींटे डालकर अमावस स्नान की औपचारिकता पूरी की। 

क्यों हुई गडबड़ी
दरअसल, शिप्रा नदी सूख गई थी। इसमें नर्मदा जल लाया जाना था परंतु अधिकारियों ने समय रहते इसका प्रबंधन नहीं किया। शनिश्चरी अमावस्या के 7 दिन पहले नर्मदा जल की मांग की जानी चाहिए थी, अधिकारियों ने 2 दिन पहले मांग भेजी। बांध से पानी छोड़ा गया परंतु शनिश्चरी अमावस्या के दिन पानी शिप्रा त्रिवेणी तक नहीं पहुंच पाया। 

अधिकारियों ने गंदा पानी स्टोर किया
वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर अधिकारियों ने वो पानी जो गंदा होने के कारण बहा दिया गया था, पाइप डालकर वापस खींच लिया। इसी पानी से फब्बारों के जरिए स्नान करना था परंतु फब्बारे भी नहीं चले। 

श्रृद्धालुओं ने क्या किया
पवित्र शिप्रा स्नान के लिए आए श्रृद्धालुओं ने नदी में मौजूद कीचड़ के छींटे अपने ऊपर डालकर सांकेतिक स्नान किया। सरल शब्दों में कहें तो उनका शनिश्चरी अमावस्या स्नान भंग हो गया। 

भोपाल समाचार ने मुद्दा उठाया, सीएम ने जांच के आदेश दिए
उज्जैन की लोकल मीडिया ने इस समस्या की तरफ एक दिन पहले ही ध्यान दिलाया था परंतु प्रशासन ने फिर भी कुछ नहीं किया। भोपाल समाचार डॉट कॉम ने इस मामले को लिफ्ट कराया जिसके चलते बात सीएम कमलनाथ तक जा पहुंची। सीएम ने अपने स्तर पर मामले का पता कराया तो पुष्टि भी हो गई। अब सीएम कमलनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं। 

धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: कमलनाथ
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को पूरे मामले की जांच कर तुरंत रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि लापरवाही सामने आने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। मेरी सरकार में धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ का कोई भी मामला मैं बर्दाश्त नहीं करुंगा। मकर सक्रांति व भविष्य में इस तरह की परिस्थिति दोबारा निर्मित ना हो इसे सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इन सवालों के जावाब मांगे
जानकारी होने के बाद भी श्रद्धालुओं के स्नान की माकूल व्यवस्था क्यों नहीं की गयी? 
नर्मदा का पानी क्षिप्रा नदी में क्यों आ नहीं पाया? 
इसके पीछे क्या कारण है? 
किसकी लापरवाही है? 
पूर्व से ही सारे इंतजाम क्यों नहीं किए गए?

मीडिया ट्रायल में अधिकारियों के बयान
एनवीडीए को 20 दिन पहले पत्र भेजा था और तीन दिन पहले दोबारा पत्र भेजा था। गुरुवार को केवल 80 एमसीएफटी पानी ही छोड़ा, जो रास्ते में ही रह गया।
धर्मेंद्र वर्मा, ईई, पीएचई 

हमारा काम आदेश जारी करना है। नदी में पानी डालने के बाद की व्यवस्था नगरीय निकायों की है। एडवांस डिमांड भेजना चाहिए।
एचआर चौहान, अधीक्षण यंत्री, नर्मदा-शिप्रा लिंक प्रोजेक्ट 

उज्जैन में आज दिक्कत आई, पता चला है। पानी क्यों नहीं पहुंचा, दिखवा रहे हैं। सेक्रेटरी को भी बोला है। उज्जैन कलेक्टर और निगम कमिश्नर को मैसेज कराया है। अगला स्नान पर्व मकर संक्रांति है, जिसके लिए भरपूर पानी दिया जाएगा।
सुरेंद्रसिंह बघेल, एनवीडीए मंत्री 

पानी की व्यवस्था जल संसाधन नहीं करता लेकिन क्षेत्र की समस्या होने से एनवीडीए और पीएचई के अफसरों से बात की है।
हुकुमसिंह कराड़ा, मंत्री, जल संसाधन विभाग 



-----------

अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें

;
Loading...

Suggested News

Popular News This Week

 
-->