अपने बच्चे को वर्स्ट के लिए तैयार करें, या बेस्ट के लिए: PRAHLAD KAKKAR ने बताया | EDUCATION NEWS

07 December 2018

NEW DELHI: एक लड़का था, बेस्ट इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट ( BEST ENGINEERING INSTITUTE ) के फोर्थ ईयर में। छुट्‌टी पर घर आया और बोला-पढ़ाई से ड्रॉप लेना चाहता हूं। घरवाले शॉक्ड थे। पिता ने पूछा- अगर तुम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर नहीं बनना चाहते, तो क्या बनना चाहते हो। बेटे ने जवाब दिया- मैं एक मोची बनना चाहता हूं। पिता को ऑलमोस्ट माइल्ड अटैक आ गया, एम्बुलेंस बुलानी पड़ी। मां ने कहा- हमने तुम्हारे लिए कितने सपने देखे थे, कि तुम अगले साल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हो जाओगे और हमें पहली विदेश यात्रा का मौका दोगे, हमने पासपोर्ट भी रेडी करवा लिए थे। यह कैसा लड़का है, जो मां-बाप को खुशियां नहीं देना चाहता। आपको पता है, उस लड़के का नाम क्या था? ... जिमी चू। जी हां, यह वही जिमी चू है, जिसकी ब्रांड के लेडीज सैंडल करीब 12 हजार यूएस डॉलर्स ( US Dollars ) में बिकते हैं। 

हम क्यों अपने बच्चों के साथ अपाहिजों की तरह व्यवहार करते हैं और इतनी केयर और सिक्योरिटी देना चाहते हैं कि मानो वे अपने पैरों पर खुद खड़े ही नहीं हो पाएंगे। बच्चों पर भरोसा करना शुरू करेंगे, तभी वो खुद पर भरोसा कर पाएंगे।  काम वो करना चाहिए, जो आप दिन में 19 घंटे भी करें, तो अहसास न हो कि आप काम कर रहे थे। मुझे मर्फी की एक बात याद आती है, If any thing can go wrong, it will go wrong. अपने बच्चे को वर्स्ट के लिए तैयार करना, न कि बेस्ट के लिए। आज अगर आप बच्चों को प्रेशर में डालकर उन पर अपनी इच्छा थोपेंगे, तो 35 की उम्र में वे अपने काम से बोर हो जाएंगे, लेकिन उस वक्त उनके पास लौटने का ऑप्शन नहीं होगा। अपने एम्बिशंस को बच्चों पर न थोपें, पेरेंट्स जो खुद नहीं बन पाते, वे अपने बच्चों को बनाना चाहते हैं। हकीकत यह है कि 12वीं क्लास तक अधिकतर बच्चे इतने मैच्योर नहीं होते कि तय कर सकें आखिर वे क्या बनना चाहते हैं। 12वीं के बाद स्टूडेंट्स को मौका मिलना चाहिए। 

नेचर हमें सबकुछ सिखाती है / Nature teaches us everything


मैंने स्कूबा डाइविंग भी ऐसे ही शुरू की थी। मुझे लगता है कि समुद्र ही सबसे बड़ा टीचर है। आप उसके नियमों पर चलते हैं, तो आपको अपनी ही तरह मजबूत बना देता है। नियमों के खिलाफ चलेंगे, तो आप मर भी सकते हैं। नेचर हमें सबकुछ सिखाती है, हम लालच में उसी नेचर को खराब कर रहे हैं।  

वैल्यू क्रिएट करो / Create value


आपको पता है, पैसा आता-जाता रहता है। बेहतर है वैल्यू क्रिएट करो, जब आप खुद को वैल्यूएबल बनाएंगे, तो पैसा खुद ही आपके पीछे जाएगा। 
यह सबकुछ SVS फाउंडर्स-डे संस्कारोत्सव पर एड गुरु प्रहलाद कक्कड़ ने बताया। 

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