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INDORE में नंदनी ने 250 से ज्यादा महिलाओं को ठगा, फरार | MP NEWS


इंदौर। सरल लोन योजना (SARAL LOAN YOJANA) के नाम पर एक सहकारी संस्था (NANDINI MAHILA HITESHI SAHAKARI SANSTHA) द्वारा शहर की 250 से ज्यादा महिलाओं से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। इन महिलाओं से पहले सदस्यता शुल्क के नाम पर पैसे लिए, फिर लोन के आकार के अनुरूप जमानत राशि जमा करवाकर संस्था संचालक महिलाएं गायब हो गईं। अब पीड़ित महिलाएं और पुलिस दोनों पैसा ठगने वाली महिलाओं को ढूंढ रहे हैं। 

यह मामला नंदिनी महिला हितैषी सहकारी संस्था का है। इसकी कर्ताधर्ता ममता कुशवाह और सुनीता गेहलोत ने विनोबा नगर, बंगाली कॉलोनी, मूसाखेड़ी, द्वारकापुरी, अन्नपूर्णा के अलावा बेटमा में महिलाओं को लोन का झांसा देकर संस्था का सदस्य बनाया। हर महिला से इसके लिए 3100 रुपए लिए। जब वे सदस्य बन गए तो उन्हें शुरुआती दौर में बेहद कम ब्याज और किस्त पर 5-5 हजार रुपए का लोन दिया। इससे और भी कई महिलाएं संस्था से जुड़ गईं। बाद में सभी को यह झांसा दिया गया कि अगर वे कोई बड़ा व्यापार करना चाहती हैं तो संस्था 50 हजार से लेकर 5 और 10 लाख रुपए तक का लोन भी देगी। 

इस पर कई महिलाएं राजी हो गईं और उन्होंने आवेदन कर दिया। संस्था ने एक ही घर में तीन लोगों को जमानतदार बनाया और 25-25 हजार रुपए तीनों के नाम पर जमा करवा लिए। इस तरह कई महिलाओं ने बड़ी लोन राशि के चक्कर में पैसे दे दिए और जब लोन मंजूरी का वक्त आया तो संस्था की दोनों कर्ताधर्ता महिलाएं गायब हो गईं। 

पता भी फर्जी : स्टैम्प पर करवा लिए थे दस्तखत 
संस्था के दस्तावेजों में नंदानगर और मयूर नगर का पता दर्ज था, शिकायत के बाद जब पुलिस जांच करने पहुंची तो कोई नहीं मिला। इसी तरह दोनों संचालक महिलाओं के घर पर भी कोई नहीं मिला। धोखाधड़ी की शिकार रेखा धीमान, संध्या साल्वे ने बताया कि हमसे 500 रुपए के कोरे स्टैम्प साइन करवाकर रख लिए थे। उन्होंने अमानत के तौर पर जितना पैसा मांगा, जमा भी करवा चुकी थीं। एेसी धोखाधड़ी कई महिलाओं के साथ हुई। 

जांच नहीं : चुनाव के कारण तलाश नहीं की 
इस मामले में अलग-अलग थानों में कई महिलाओं ने शिकायतें दर्ज करवाई हैं। जनसुनवाई में मामला पहुंचने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, पर चुनाव के कारण जांच-पड़ताल आगे नहीं बढ़ सकी। पलासिया थाने के सब इंस्पेक्टर माधव सिंह भदौरिया के मुताबिक, पैसा लेने वाली महिलाओं के पते गलत निकले। फोटो और बाकी प्रमाणों के आधार पर तलाश कर रहे हैं। 

दर्जनभर मामले : कितने की ठगी, कहना कठिन 
इस तरह की ठगी का शहर में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सालभर में करीब एक दर्जन मामले बीसी, मासिक जमा और संस्था के नाम पर ठगी के आ चुके हैं। इनमें से कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज है। पुलिस नंदिनी संस्था के मामले में दस्तावेजों के आधार पर यह पता कर रही है कि संस्था ने लोगों से कितना पैसा जमा करवाया और इसमें कितने लोग शामिल थे।