क्या सूचना के अधिकार के तहत EXAM की उत्तरपुस्तिका प्रति प्राप्त की जा सकती है, पढ़ें आयुक्त का आदेश | RTI NEWS

08 October 2018

भोपाल। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा परीक्षार्थियों को सूचना के अधिकार कानून के तहत उनकी उत्तरपुस्तिका की प्रति देने से इंकार करने की पुनरावृत्ति किए जाने पर म0प्र0 राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रूख अख्तियार किया है। राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप ने वि0वि0 के कुलपति व कुलसचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न उनके विरुद्ध सूचना के अधिकार की धारा 20 (1) व 20 (2) के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाए। दोनों को आदेशित किया गया है कि वे 15 अक्टूबर को आयोग के न्यायालय कक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें।

विक्रम वि0वि0 के लोक सूचना अधिकारी/कुलसचिव ने नागदा की तितिक्षा शुक्ला को उनकी उत्तरपुस्तिका की प्रति देने से यह लिखकर इंकार कर दिया था कि सूचना का अधिकार अधिनियम में उत्तरपुस्तिका की प्रति देने का प्रावधान नहीं है। वि0वि0 की समन्वय समिति द्वारा स्थायी समिति की यह अनुशंसा मान्य की गई है कि वि0वि0 व महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिकाओं की प्रमाणित प्रति नहीं दी जानी चाहिए। क्योंकि इसके कारण वैधानिक कठिनाईयां बढ़ने की आशंका है। अपीलीय अधिकारी/कुलपति द्वारा भी इसी आधार पर तितिक्षा शुक्ला की प्रथम अपील निरस्त कर दी गयी थी। 

सूचना आयुक्त आत्मदीप ने तितिक्षा की द्वितीय अपील स्वीकार करते हुए वि0वि0 की दलीलों को खारिज कर दिया था। साथ ही तितिक्षा को उनकी उत्तरपुस्तिका की प्रमाणित प्रति निःशुल्क देने का आदेश देते हुए स्पष्ट किया था कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मूल्यांकित उत्तरपुस्तिका परीक्षक की राय का अभिलेख है जो सूचना की परिभाषा में आता है और नागरिकों को ऐसी सूचनाएं पाने का वैधानिक अधिकार है। मा0 सर्वोच्च न्यायालय भी केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड बनाम आदित्य बंदोपाध्याय मामले में स्पष्ट कर चुका है कि परीक्षार्थी को उसकी मूल्यांकित उत्तरपुस्तिका की प्रति प्राप्त करने का कानूनी हक है। 

आयोग के उक्त आदेश में यह भी साफ किया गया था कि सूचना का अधिकार अधिनियम वि0वि0 के कायदे कानून सहित सभी अन्य नियमों-अधिनियमों पर सर्वोपरि प्रभाव रखता है। अतः वि0वि0 के किसी निर्णय के आधार पर उत्तरपुस्तिका की प्रति देने से मना नहीं किया जा सकता है। उक्त आदेश में कुलपति और कुलसचिव को आगाह किया गया था कि भविष्य में इस मामले में की गई वैधानिक त्रुटियों की पुनरावृत्ति न करें तथा आर0टी0आई0 एक्ट के प्रावधानों का पालन सुनिष्चित करें।

लेकिन इसके बाद भी अन्य परीक्षार्थी हिमांषु शुक्ला को उनकी उत्तरपुस्तिका की प्रति देने से इनकार कर दिया गया। इस संबंध में पत्रकार कैलाष सनोलिया की शिकायत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा वि0वि0 से जवाबतलब किया गया। तब जाकर हिमांषु को उत्तरपुस्तिका की प्रति दी गई। सनोलिया ने पुनः शिकायत की कि इसके बाद भी वि0वि0 द्वारा अन्य परीक्षार्थियों को उनकी उत्तरपुस्तिका की प्रति देने से इंकार किया गया है। 

इस पर आयुक्त आत्मदीप ने कुलसचिव को शोकाॅज नोटिस जारी किया है कि आयोग के स्पष्ट आदेश के बाद भी हिमांषु शुक्ला व अन्य के समान प्रकरणों में आयोग के आदेश के अनुरूप कार्यवाही न करने व असद्भाव पूर्वक उत्तरपुस्तिका की प्रति देने से इंकार करने के कारण क्यों न उनके विरूध्द शास्ति अधिरोपित करने की कार्यवाही की जाए। कुलपति को भी शोकाॅज नोटिस जारी किया गया है कि उत्तरपुस्तिका की प्रति न देने के कुलसचिव के निर्णय से सहमति जताकर सूचना के अधिकार के तहत देने योग्य सूचना (उत्तरपुस्तिका) प्रदाय करने में अवरोध उत्तपन्न करने के कारण क्यों न उनके विरूध्द धारा 20 (2) के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाए। 
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