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तितली का तांडव: ओडिशा में भयंकर तूफान, 10 हजार लोग बेघर, भूस्खलन, उत्तराखंड में खतरा



नई दिल्ली। अलर्ट के बाद भी हालात नियंत्रित नहीं किए जा सके। चारों तरफ त्राहि-चाहि के हालात हैं। ओडिशा में चक्रवाती तूफान 'तितली' का रौद्र रूप दिखाई देने लगा है। 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से हवाएं चल रहीं हैं। इन हवाओं के सामने आने वाली हर चीज उड़ गई। अलसुबह भूस्खलन हुआ। 10 हजार लोग राहत केंप की शरण में हैं। कहां से कितने लापता हुए और कितनी मौतें, फिलहाल पता नहीं चल पा रहा है। इधर उत्तराखंड में भी तूफान का अलर्ट जारी कर दिया गया है। 

भूस्खलन हुआ, 10 हजार लोग राहत केंप में
गौरतलब है कि चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा में बुधवार से रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया था। ऐसे में इस तूफान से लोगों के धन जीवन को बचाने को लेकर पूरे प्रशासन को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। गंजाम के गोपालपुर के पास तितली चक्रवात के कारण सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर भूस्खलन हुआ। निचले इलाकों में रहने वाले 10,000 लोगों को बुधवार रात सरकारी आश्रय में भेजा गया। 

ट्रेन यातायात रद्द
चक्रवाती तूफान तितली के भयंकर रूप धारण करने के बाद पूर्वतट रेलवे ने बुधवार रात 10 बजे से खुर्दारोड एवं आन्ध्र के विजयनगरम के बीच ट्रेन यातायात को रद्द कर दिया है। अगला आदेश न आने तक इस रूट में ट्रेन सेवाएं रद्द होने की घोषणा बुधवार अपराह्न को पूर्वतट रेलवे की तरफ से की गई है। जानकारी के अनुसार कुछ दुरगामी ट्रेन को नागपुर-विजयवाड़ा देकर डाइवर्ट किया गया है। उसी तरह पुरी से छूटने वाली कुछ ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। खडग़पुर से ओडि़शा होकर चेन्नई की तरफ जाने वाली ट्रेनों को शाम 5 बजकर 15 मिनट के बाद भद्रक स्टेशन से पहले ही रोक देने का निर्देश जारी किया गया है। आन्ध्र प्रदेश के हैदराबाद एवं विशाखापट्टनम से आने वाली ट्रेनों को शाम 6 बजकर 40 मिनट के बाद दुभाड़ा स्टेशन के पास रोक दिया जाएगा। 

तूफान के कारण बाजार में कालाबाजारी
चक्रवाती तूफान तितली के भयंकर रूप धारण करने की खबर मिलने के बाद बुधवार को बाजार में लोगों की खासी भीड़ देखी गई। राजधानी में लोग खाद्य सामग्री खरीदकर अपने-अपने घरों में एकत्रित करने में जुट गए हैं। इसका फायदा उठाते हुए कुछ व्यापारियों ने खाद्य सामाग्री की अचानक कीमत बढ़ा दी है। कुछ जगहों पर आलू-प्याज जैसे जरूरी खाद्य सामग्री बाजार से गायब हो गई है। व्यापारियों की इस तरह की हरकत से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। हालांकि खाद्य एवं आपूिर्त मंत्री सूर्य नारायण पात्र ने कहा है कि खाद्य सामग्री को लेकर उपभोक्ता चिंता ना करें। पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री मौजूद है। किसी भी जगह से काला बाजारी की खबर मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऊंचे दर पर सामग्री बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का मंत्री ने निर्देश दिया है। 

उत्तराखंड में तूफान का अलर्ट 
उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, पिथौरागढ़ और चम्पावत में भी मंगलवार को तूफान, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गयी थी। वहीं एडीजी अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड ने भी इस सम्बन्ध में नदी तटों, घटों व झरनों के किनारे स्नान व फोटो खींचने वाले स्थानों पर प्रर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात करने तथा चार-धाम में आने वाले श्रद्धालुओं/पर्यटकों को इस सम्बन्ध में समय से सूचित करने के आदेश दिए हैं। 

तितली को लेकर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की समीक्षा बैठक
गौरतलब है कि तूफान से निपटने के लिए राज्य सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विभिन्न विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए जीरो कैजुएल्टी पर जोर दिया था और कहा था कि इस हेतु जो भी जरूरी कदम उठाने की जरूरत हो उठाएं जाएं। निचले इलाके के लोगों को फौरन सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि बाढ़ आश्रय स्थल में रहने वाले लोगों को पका हुआ खाद्य, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवा की बेहतर व्यवस्था की जाए।
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