CM शिवराज सिंह ने बताया अध्यापकों का संविलियन आदेश कब जारी होगा | ADHYAPAK NEWS - Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal की ताज़ा ख़बर खोजें





CM शिवराज सिंह ने बताया अध्यापकों का संविलियन आदेश कब जारी होगा | ADHYAPAK NEWS

11 July 2018

भोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अध्यापकों को शिक्षा विभाग में संविलियन का फैसला कर लिया है और इसके आदेश 13 जुलाई को या इसके आसपास जारी हो सकते हैं। यह दावा पुराने आजाद अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष भरत पटेल ने किया है। बताया जा रहा है कि यह टीम आज सीएम शिवराज सिंह से मिली और उन्होंने इनकी सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है। प्रतिनिधि मंडल में भरत पटेल प्रांताध्यक्ष, जावेद खान महासचिव, अजय बख्शी उपाध्यक्ष, रमेन्द्र राजावत संगठन मंत्री, संतोष सोनी मंडला जिलाध्यक्ष, देवेंद्र दीक्षित डिंडोरी जिलाध्यक्ष सुजीत व्यवहार,ज्योत सिंह धुर्वे, आदि शामिल थे। 

बता दें कि सीएम शिवराज सिंह ने खुद ऐलान किया था कि अध्यापक अब शिक्षा विभाग के कर्मचारी होंगे लेकिन बाद में 'राज्य शिक्षा सेवा' को मंजूरी दे दी गई। इस तरह सरकार ने अध्यापकों को तीसरी बार नया पदनाम दे दिया। अध्यापकों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था और एक बार फिर विरोध की बातें शुरू हो गईं थीं। पिछले बीस साल से आंदोलनरत अध्यापकों को इस बार सरकार से बड़ी उम्मीद थी। शिक्षा विभाग की मांग की जा रही थी, जिससे अध्यापकों को बीमा, पेंशन, तबादला व शिक्षक संवर्ग के समान अन्य सुविधाएं मिलतीं, लेकिन सरकार ने राज्य शिक्षा सेवा का गठन कर अध्यापकों को फिर जरूरी सुविधाओं से महरूम रखा। 

नए कैडर से आपत्ति क्या है
नए कैडर में भी उक्त सुविधाएं के बारे में कोई जिक्र नहीं है, लेकिन जो नई सेवा शर्तें थोपी जा रही हैं, वह विसंगतिपूर्ण हैं। अब वरिष्ठता का निर्धारण अध्यापक संवर्ग दिनांक से किया जाएगा, जिसे 2007 में बनाया था, जबकि कई अध्यापक 1998 से कार्य कर रहे हैं। वरिष्ठता में तीन साल की संविदा अवधि की गणना भी नहीं की जाएगी। वर्तमान में वरिष्ठता की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से होती है। प्रमोशन परीक्षा द्वारा किया जाएगा, लेकिन परीक्षा अर्हता में भी जातिगत भेदभाव किया जाएगा। प्रयोगशाला शिक्षक की पदोन्नति और गुरूजियों की वरिष्ठता का कोई प्रावधान नए कैडर में नहीं है। 

प्रमोशन के लिए ग्रामीण क्षेत्र में तीन वर्ष सेवा करनी होगी, इस नियम से उन अध्यापकों को परेशानी हो सकती है, जिनकी नियुक्ति शहरी क्षेत्र में हुई और तबादला नीति नहीं होने से वह सालों से एक ही संस्था में कार्यरत हैं। इसके अलावा तबादला नीति के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया। अवकाश नियमों को लेकर राज्य शिक्षा सेवा कोई उल्लेख नहीं है।
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com



-----------

अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें

;
Loading...

Popular News This Week

 
-->