पाकिस्तान को कश्मीर सौंपने तैयार थे सरदार पटेल: पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन

Tuesday, June 26, 2018

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री एवं सभी रियासतों का भारत में विलय कराने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल पाकिस्तान को कश्मीर सौंपने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल व्यावहारिक आदमी थे। वे पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को कश्मीर देने के लिए तैयार थे क्योंकि वे जंग टालना चाहते थे। उन्होंने लियाकत से ये भी कहा था कि हैदराबाद के बारे में नहीं कश्मीर की बात करो। कश्मीर ले लो, हैदराबाद नहीं। 

कश्मीर मुद्दे को उलझाने के लिए माउंटबेटन जिम्मेदार थे, नेहरू नहीं

सोज ने ये भी दावा किया कि कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र ले जाने के लिए लॉर्ड माउंटबेटन जिम्मेदार थे, न कि जवाहर लाल नेहरू। सोज ने मीडिया पर उनके परवेज मुशर्रफ पर दिए गए बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का भी आरोप लगाया। सोज ने 22 जून को कहा था, ‘मुशर्रफ कहते थे कि कश्मीरियों की पहली पसंद तो आजादी है। मुशर्रफ का बयान तब भी सही था, आज भी सही है।’ भाजपा ने इस बयान की आलोचना की थी और कांग्रेस ने इससे दूरी बना ली थी।

कश्मीर की आजादी संभव नहीं: सोज

सोमवार को दिल्ली में सोज की किताब "कश्मीर: ग्लिम्पसेस ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल' का विमोचन था। यहां जयराम रमेश के अलावा कोई अन्य कांग्रेस नेता नहीं था। सोज ने कहा कि कश्मीर समस्या सुलझाने का एक ही रास्ता है कि सभी दल साथ आएं और बैठकर बात करें। आजादी कोई हल नहीं है। भारत के संविधान में कश्मीर को जगह मिलनी चाहिए। मुशर्रफ दोनों तरफ के कश्मीर की स्वायत्तता चाहते थे। खूनखराबा कश्मीर की समस्या को हल नहीं कर सकता। चाहे तो कश्मीरियों को मार दीजिए, लेकिन इससे समस्या सुलझ नहीं सकती।

सरकार की कश्मीर पर कोई नीति ही नहीं: अरुण शौरी

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने कहा कि मोदी सरकार ने सीमा पार जाकर जो सर्जिकल स्ट्राइक की थी वो फर्जीकल (नकली) स्ट्राइक थी। सरकार के पास न तो कश्मीर और न ही पाकिस्तान-चीन के लिए कोई नीति है। सरकार खुद को कार्यक्रमों और चुनाव तक ही बनाए रखना चाहती है। दरअसल देश में में कोई सरकार ही नहीं थी। एक ही रास्ते पर घोड़ा दौड़ रहा है। ये घोड़ा ही हिंदुओं और मुसलमानों को बांट रहा है। इसके चलते ही देश खासकर कश्मीर में हत्याएं हो रही हैं। हमें कश्मीर के लोगों को कश्मीरियों की तरह नहीं बल्कि मुस्लिम मानने को बाध्य किया जा रहा है।

सोज की किताब में मुशर्रफ का जिक्र : 

सोज ने कहा कि ये मेरी किताब है और इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। कांग्रेस पार्टी का इससे लेना-देना नहीं है। किताब के लिए मैंने शोध करके तथ्यों को समाहित किया है। मुझे खुद पर पूरा भरोसा है। उन्होंने शुक्रवार को कहा था, ‘‘मुशर्रफ कहते थे कि कश्मीरी लोग पाकिस्तान के साथ विलय नहीं चाहते। अगर कश्मीरियों को अपनी राह चुनने का मौका दिया जाए तो वे आजादी को तरजीह देंगे। मुशर्रफ ने यह बात अपने मुल्क की फौज के आला अफसरों से भी कही थी। मैं भी यही मानता हूं, लेकिन जानता हूं कि ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं है।’ इसी तरह की खबरें नियमित रूप से पढ़ने के लिए MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com

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