फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे हैं 2000 से ज्यादा अध्यापक, फिर भी कार्रवाई नहीं

Monday, May 14, 2018

भोपाल। मध्य प्रदेश में 2000 से ज्यादा अध्यापक डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन) की फर्जी डिग्री से नौकरी कर रहे हैं। यह मामला स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अफसरों के सामने भी आ चुका है, लेकिन संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय अफसरों ने अध्यापकों को वर्ष 2019 तक डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) की डिग्री हासिल करने का मौका दे दिया है। वहीं संविदा शिक्षक भर्ती के दौरान 2011 में भी इसे अनदेखा किया गया था।

प्रदेश में 2 लाख 84 हजार अध्यापक हैं। इनमें से करीब 30 हजार की नियुक्ति वर्ष 2011 में हुई थी। इस परीक्षा में 2000 से ज्यादा ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल थे, जिनकी डीएड की डिग्री फर्जी थी। दरअसल, इन अभ्यर्थियों ने उन संस्थाओं से डीएड कर लिया था, जिन्हें एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन) से मान्यता नहीं थी। संस्थाओं को मान्यता न होने के कारण अभ्यर्थियों की डिग्री अनुपयोगी हो गई। फिर भी जिलों में पदस्थ तत्कालीन अधिकारियों (डीईओ) ने भर्ती से पहले दस्तावेजों का परीक्षण करते हुए डिग्री मान्य कर अभ्यर्थियों को नौकरी दे दी। ज्ञात हो इन अध्यापकों ने हरियाणा, उप्र, राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार में संचालित संस्थाओं से डीएड किया था।

यहां ज्यादा मामले
फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले बुंदेलखंड के सबसे ज्यादा अभ्यर्थी हैं। भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह के साथ रीवा, सतना, सीधी और मालवा क्षेत्र भी कई मामले सामने आए हैं।

निर्देश दिए पर कार्रवाई नहीं की
संविदा शिक्षक भर्ती के दौरान वर्ष 2011 में डीएड की फर्जी अंकसूची भोपाल में भी मिली थीं। यहां दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान 11 अंकसूचियां पकड़ में आई थीं। इस मामले में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सीएम उपाध्याय ने संबंधितों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया था और तत्कालीन आयुक्त लोक शिक्षण ने प्रदेशभर में ऐसे मामलों की जांच के आदेश भी दिए थे। इन मामलों में सीधे एफआईआर कराने के आदेश थे, लेकिन निर्देश पर अमल नहीं हुआ। बल्कि अब सभी को बैकडोर से मान्य किया जा रहा है।

गड़बड़ी पर कार्रवाई होगी
शिक्षा के क्षेत्र में फर्जीवाड़ा नहीं होना चाहिए। ऐसी शिकायत मेरे सामने भी आई है। ऐसे लोगों की सूची बनाई जाएगी और दस्तावेजों का फिर से परीक्षण कराया जाएगा। यदि गड़बड़ी सामने आएगी तो उनके और पहले दस्तावेजों का परीक्षण करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
दीपक जोशी, राज्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें

mgid

Loading...

Popular News This Week

 
Copyright © 2015 Bhopal Samachar
Distributed By My Blogger Themes | Design By Herdiansyah Hamzah