संविदा महापंचायत नहीं, चुनिंदा नेताओं से मिले शिवराज, हुईं घोषणाएं

भोपाल। सीएम हाउस में 11 मई को आयोजित कथित संविदा महापंचायत को कर्नाटक चुनाव के नाम पर स्थगित किए जाने की सूचना दी गई थी जबकि 10 मई को कर्नाटक में चुनाव प्रचार समाप्त हो गया और 11 मई को सीएम शिवराज सिंह भोपाल में अपने आवास पर ही थे। मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के संयोजक दिनेश सिंह तोमर की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया है कि भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि दल सीएम शिवराज सिंह से मिला। इस मुलाकात में संविदा कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत हुई एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निम्नांकित घोषणाएं कीं हैं। 

प्रदेश में सभी शासकीय विभागों में संविदा प्रथा समाप्त की जा रही है। 
प्रदेश के सभी विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति संविदा कर्मचारी/अधिकारी जो व्यापमं, एमपी आॅनलाइन एवं नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया से किए गए हैं, उनको रिक्त पदों पर संविलियन कर नियमित किया जाएगा। 
विभिन्न विभागों में अधिकारी/कर्मचारी को निकाला गया है। उन सभी का परीक्षण कर उनकी सेवा बहाली की कार्रवार्ठ की जावेगी। 

वेतनमान, भत्ते, अवकाश एवं अन्य सुविधाएं जो नियमित कर्मचारी/अधिकारी को मिल रहे हैं वह एक सप्ताह में आदेश जारी किए जावेंगे। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी को नियमित मानते हुए सभी हितलाभ नियमित कर्मचारी की भांति दिए जावेंगे। 
आंदोलन के दौरान किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध दुर्भावनापूर्वक की गई समस्त कार्रवाई वापस ली जावेगी। 

मुख्यमंत्री के कार्यालय ने मुलाकात की पुष्टि नहीं की

कुल मिलाकर एक बार फिर कुछ घोषणाएं संविदा कर्मचारियों के हाथ आ गईं हैं। अब इनकी समीक्षा और समर्थन व विरोध का सिलसिला शुरू होगा। संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेश कब जारी होंगे, स्पष्ट नहीं हो पाया है। अजीब बात यह है कि ना तो महापंचायत की तारीख का ऐलान आधिकारिक रूप से हुआ था और ना ही इस मुलाकात की पुष्टि मुख्यमंत्री के कार्यालय द्वारा की गई है। सीएमओ की ओर से आए अपडेट के अनुसार 10 मई की रात सीएम शिवराज सिंह जबलपुर के गोराबाजार में श्रमिकों को पट्टा वितरण कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने कोई सार्वजनिक मुलाकात नहीं की।