देश की बेटी, महिला क्रिकेटर सुषमा परेशान, रेलवे ने मांगे 15 लाख रुपए | SPORTS NEWS

20 February 2018

शिमला। पिछले साल वुमन वर्ल्ड कप में देश के लिए उप-विजेता का सम्मान दिलाने वाली भारतीय क्रिकेट टीम की अहम मेंबर सुषमा वर्मा के भविष्य पर हिमाचल पुलिस अड़ंगा लगा रहा है। हिमाचल की इस पहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी को पूर्व कांग्रेस सरकार ने डीएसपी की नौकरी दी थी। 9 अक्टूबर को सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की थी। हिमाचल पुलिस ज्वाइन करने का ऑफर मिलने से पहले सुषमा रेलवे में नौकरी कर रही थी लेकिन अब रेलवे सुषमा वर्मा से कॉन्ट्रेक्ट टूटने के एवज में 15 लाख मांग रहा है।

ये 15 लाख देने पर ही रेलवे सुषमा को हिमाचल पुलिस ज्वाइन करने के लिए रिलीविंग लेटर देगा। ये रिलिविंग लेटर न मिलने से सुषमा हिमाचल पुलिस को ज्वाइनिंग नहीं दे पा रही। उलझन में फंसी सुषमा वर्मा की हिमाचल सरकार ने और उलझने बढ़ा दी हैं। अब प्रदेश सरकार ने सुषमा को जारी पत्र में साफ किया है कि अगर सुषमा वर्मा आठ अप्रैल तक डीएसपी के लिए ज्वानिंग नहीं देती तो उनकी नियुक्ति के लिए पूर्व सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को निरस्त समझा जाएगा।

पुलिस की वर्दी में देखना चाहते हैं पिता
सुषमा के पिता भोपाल सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पत्र मिला है। इसमें सुषमा को 8 अप्रैल तक ड्यूटी ज्वांइन करने को कहा गया है। सरकार ने यह भी लिखा है कि आठ अप्रैल के बाद कोई एक्सटेंशन नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वह बेटी सुषमा को पुलिस की वर्दी में देखना चाहते हैं, लेकिन सरकार के इस पत्र में उन्हें पूरी तरह से दुविधा में डाल दिया है। बेटी रेलवे में टीटीई है। रेलवे के साथ उसका पांच साल का करार है। यहां से नौकरी छोड़ने पर रेलवे करीब 15 लाख रुपए मांग रहा है। बेटी इन दिनों साथ साउथ अफ्रीका में खेल रही है। ऐसे में वह अपना ध्यान खेलने में लगाएं या फिर रेलवे के साथ विवाद हल करे या अपनी सरकार से लड़े।

अंडर-19 प्रतियोगिता में भी खेल चुकी हैं सुषमा
सुषमा वर्मा वर्ष 2009 2011 में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोशिएशन (HPCA) की ओर से अंडर-19 में भी खेल चुकी हैं। इसके अलावा वह इंडिया ब्लू वुमन, इंडिया वुमन इंडियन बोर्ड ऑफ प्रेसिडेंट इलेवन में भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने पांच अप्रैल 2013 को वड़ोदरा के मैदान में भारत बांग्लादेश के बीच हुए मैच में बेहतर प्रदर्शन किया था।

बेटी बचाओ का नारा और बेटी का ये हाल
हिमाचल की ये बेटी दुनिया भर में देश का नाम रोशन कर रही है। इन दिनों भी सुषमा वर्मा साउथ अफ्रीका में भारतीय टीम के साथ विजयी अभियान पर हैं। प्रदेश की ये बेटी अपने राज्य में ही नौकरी करना चाहती है, लेकिन सरकार सुषमा के सामने खड़ी हुई उलझन के दौर में स्पोर्ट करने की बजाय ज्वाइनिंग ने देने पर नियुक्ति रद्द करने का अल्टीमेटम दे रही है। उल्टा प्रदेश सरकार की ओर से सुषमा को दिए लैटर में कहा है कि ये आखिरी मौका है लेकिन इसके बाद एक्सटेंशन नहीं मिलेगी।

सुषमा को राजनीति का माेहरा तो नही बना रही सरकार
सुन्नी एरिया के गढेरी गांव की रहने वाली सुषमा वर्मा भारतीय महिला क्रिकेट टीम में कीपिंग के साथ ही बल्लेबाजी भी करती हैं। नियुक्ति को लेकर क्रिकेट को अल्टीमेटम देना राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुषमा का गांव शिमला ग्रामीण पहले वीरभद्र सिंह का निर्वाचन क्षेत्र में आता है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ही सुषमा को अपने निजी निवास हॉलीलॉज में ऑफर लेटर दिया था। सुषमा की ओर से ऑफर स्वीकार करने के बाद ही सरकार की ओर से उन्हें डीएसपी बनाने की अधिसूचना जारी की गई। अब सरकार का ये फैसला कहीं सुषमा को राजनीति को मोहरा तो नही बना रहा।

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