NARENDRA MODI की ट्रिक से बीजेपी को घेर रहे हैं सिद्धारमैया | NATIONAL NEWS

Wednesday, January 31, 2018

नई दिल्ली। कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनाने के लिए आरएसएस और आमित शाह क्या कुछ नहीं कर रहे। कांग्रेस के सामने चुनौती है कि वो अपनी सरकार बचाए। राहुल गांधी पूरी टीम को लेकर मीटिंग में बिजी हैं परंतु मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पूरा भरोसा है कि पीएम नरेंद्र मोदी की मदद से वो अपनी सरकार बचाने में सफल होंगे। दरअसल, सिद्धारमैया इन दिनों मोदी की ट्रिक से भाजपा को घेर रहे हैं। सिद्धारमैया के इस ट्रैप से बीजेपी बेचैन है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राज्य में कांग्रेस का चेहरा हैं और आने वाले दिनों में उन्हें चुनावी जंग में बीजेपी का मुकाबला करना है। दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी राज्यों के विधानसभा चुनाव में ऐसी सियासी पिच तैयार करते हैं कि मुकाबला क्षेत्रीय नेता बनाम मोदी के इर्द गिर्द सिमट जाता है और इसमें अपने कद और लोकप्रियता के चलते मोदी बाजी मार ले जाते हैं। पर कर्नाटक का परिदृश्य उल्टा है, यहां सिद्धारमैया खुद ही मोदी के दांव से बीजेपी को घेरने की कवायद कर रहे हैं। 

सिद्धारमैया के ट्रैप में बीजेपी
दरअसल सिद्धारमैया सोची समझी रणनीति के तहत एक के बाद एक बीजेपी के आला नेताओं पर हमला कर रहे हैं। बदले में बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व भी जवाबी हमले कर रहा है। सिद्धारमैया ने पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया, फिर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को और अब सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को। उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी लोकप्रिय जरूर हैं, पर लोकसभा चुनाव से पहले किए अपने वादों को पूरा नहीं कर सके हैं।

सिद्धारमैया और अमित शाह आमने-सामने
सिद्धारमैया ने इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को 'बुद्धिहीन' और 'एक्स जेल बर्ड' (जो पहले जेल जा चुका हो) कहा था। इतना ही नहीं उन्होंने इससे पहले बीजेपी, संघ और बजरंग दल के लोगों को आतंकवादी तक कहा था। कर्नाटक के सीएम बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व पर लगातार इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं। सिद्धारमैया को बीजेपी की स्थानीय इकाई के अलावा केंद्रीय नेतृत्व भी जवाब दे रहा है। अमित शाह ने कहा कि सिद्धारमैया सरकार भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को पार कर चुकी है, सिद्धारमैया और भ्रष्टाचार समानार्थक शब्द हैं।

बाहरी बनाम स्थानीय बनाने की जुगत
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने ऊपर बीजेपी के आला नेताओं द्वारा हो रहे सियासी हमले को बाहरी बनाम स्थानीय का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं. बीजेपी नेताओं द्वारा राज्य सरकार की जा रही आलोचना को सिद्धारमैया खुद पर निजी हमला जैसा पेश कर रहे हैं. सिद्धारमैया इन हमलों के जरिए कर्नाटक में ये संदेश दे रहे हैं कि आगामी चुनाव में मुकाबला कर्नाटक के सिद्धारमैया बनाम बीजेपी के दिल्ली में बैठे आला नेता है. इससे सिद्धारमैया को कर्नाटक गौरव का फायदा मिलने की उम्मीद है. खुद बीजेपी की राज्य इकाई भी इस खेल को समझ रही है. पार्टी की ओर से सीएम उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने अपने आला नेताओं को इसे लेकर सचेत भी किया है.

कन्नड़ गौरव का चेहरा बनने का प्लान
गौरतलब है कि दक्षिण भारत की सियासत में क्षेत्रीयता एक मुद्दा हमेशा से रहा है. सिद्धारमैया इस बात को बाखूबी समझते हैं. वो जानते हैं कि अगर मुकाबला उनके और बीजेपी के दिल्ली में बैठे नेताओं का होगा तो वो कन्नड़ गौरव का चेहरा बन सकते हैं और लोगों को उनकी भाषा में समझाकर उन्हें अपने पक्ष में ला सकते हैं. वे नहीं चाहते कि कर्नाटक में मुकाबला सिद्धारमैया बनाम येदियुरप्पा हो, अगर ऐसा होता है तो चुनाव का मुद्दा क्षेत्रीयता या भाषा का नहीं बल्कि सरकार के कामकाज और करप्शन का होगा, जिसमें सिद्धारमैया को एंटी इंकबैंसी का नुकसान झेलना होगा.

येदियुरप्पा कश्मकश में
कर्नाटक में बीजेपी के चेहरा बी एस येदियुरप्पा चाहते थे कि उनकी परिवर्तन यात्रा के दौरान राज्य सरकार की नाकामियों को उजागर करके बीजेपी सरकार के दौरान की उपलब्धियों को सामने लाने पर फोकस किया जाए. इतना ही नहीं वो चाह रहे थे कि सत्ता विरोधी रुझान को एक मुद्दा बनाए जाए. पर उससे पहले ही सिद्धारमैया ने हिंदू आतंकवाद जैसे मुद्दे को हवा दी और बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया से यही खबरों में छाया रहा.

मोदी का 2014 फॉर्मूला 
येदियुरप्पा यह चाह रहे थे कि जिस तरह से 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी सिर्फ विकास की बात करते हुए कांग्रेस के खिलाफ सत्ताविरोधी रुझान को एक बड़ा मुद्दा बनाकर चल रहे थे. वही फॉर्मूला कर्नाटक में भी लागू किया जाए लेकिन सिद्धारमैया पीएम मोदी के गुजरात चुनाव में चले गए दांव को अपना हथियार बनाकर बैठे हैं. वो मोदी की ही तरह स्थानीय भाषा में लोगों से कनेक्ट होने, बीजेपी नेताओं को बाहरी बताने पर जुटे हुए हैं जैसे कि गुजरात में पीएम मोदी ने राहुल गांधी को बाहरी और खुद को गुजरात का बेटा बताकर सियासी बाजी अपने नाम की थी.

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें

mgid

Loading...

Popular News This Week

 
Copyright © 2015 Bhopal Samachar
Distributed By My Blogger Themes | Design By Herdiansyah Hamzah