पति का शव देखने सजधज कर आई पत्नी | CRIME NEWS

Wednesday, January 3, 2018

जशपुर। पत्नी से तंग आकर एक स्कूल टीचर ने 31 दिसम्बर की रात फांसी पर झूल कर सुसाइड कर लिया था। पोस्टमार्टम के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए युवक का शव लाया गया तो उसकी पत्नी सलवार सूट में बिना सिर पर घूंघट के और आभूषण पहनकर सजधज कर आ गई आ गई। उसे देख ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और लोगों ने उसे मौके से चले जाने को कहा। पत्नी ने भी स्थिति को समझने का प्रयास नहीं किया और तुनककर लौट गई। 

तुमला थाना इलाके में रहने वाला 35 साल का तपेश्वर चक्रेश बीते कई सालों से जशपुर में महावीर दिगंबर जैन स्कूल में बतौर टीचर पोस्टेड था। वह दरबारी टोली में एक किराए के मकान में रहता था। आपसी विवाद की वजह से उसकी पत्नी अलग रहती थी। इस बारे में कोर्ट में भी मामला चल रहा है। विवाद की वजह से पत्नी और उसका बेटा उससे अलग रहते थे। बीते करीब चार-पांच दिनों से उसका बेटा उसके साथ रह था।

1 जनवरी की सुबह जब उसका बेटा दिनेश अपने पापा को नए साल की बधाई देने के लिए उनके कमरे में गया, तो वहां तपेश्वर की लाश फंदे में झूल रही थी। यह देखकर वह घर से बाहर निकलकर जोर-जोर से रोने लगा। मकान मालिक और पड़ोसियों ने जब उसके रोने की आवाज सुनकर उसके घर के अंदर जा कर देखा, तो कमरे में फांसी के फंदे में तपेश्वर की झूलती हुई लाश मिली। मामले की खबर तुरंत पुलिस और परिजनों को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान मौका-ए-वारदात से एक डायरी में तीन पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया है।

सुसाइड नोट में लिखी ये बात
खुदकुशी करने के पहले तपेश्वर के लिखे सुसाइड नोट में लिखा कि वह अपनी पत्नी से परेशान था। पत्नी उस पर नाजायज रिश्ते होने का शक करती थी और मां-बाप के साथ रहने नहीं देती थी। उसने यह भी लिखा कि मौत के बाद बच्चे को उसकी पत्नी को न सौंपकर उसके मां-बाप को सौंपा जाए।

बेटे के साथ ही रस्सी खरीदने गया था बाजार
तपेश्वर ने खुदकुशी का इरादा पहले ही बना लिया था। घटना से एक-दो दिन पहले उसने अपने बेटे के साथ बाजार जाकर रस्सी भी खरीदी थी।

अंतिम संस्कार में यूं आई पत्नी
तपेश्वर चक्रेश द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना गांव में मिलते ही नए साल की खुशियों के माहौल में पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीण खुशियां मनाने की जगह शिक्षक का शव के आने का इंतजार करते रहे। शव के यहां पहुंचते ही पत्नी भी वहां पहुंची। उस वक्त पत्नी सलवार-सूट में थी और शरीर पर गहने भी थे। परंपरा के मुताबिक पत्नी के विधवा हो जाने के बाद पति के अंतिम संस्कार में ऐसे जाना अशुभ माना जाता है। सुसाइड नोट समाने आने के बाद पहले ही ग्रामीण मृतक की पत्नी से चिढ़े हुए थे। उसके बाद उसका ये रूप देख आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों के अनुसार तपेश्वर चक्रेश बचपन से ही मिलनसार स्वभाव के रहे। अब तक गांव के किसी भी व्यक्ति से उनका कोई बैर नहीं था। वे जब भी किसी छुट्टियों में घर आते थे, तो हर एक ग्रामीण से मिलकर सुख-दुख बांटते थे। ऐसे में पत्नी के कारण उनकी आत्महत्या की खबर से पूरा गांव दुखी था।

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