नाराज अध्यापकों की सीधी में रैली, मंडल में बैठक | ADHYAPAK SAMACHAR

Sunday, January 7, 2018

भोपाल। सीएम शिवराज सिंह से नाराज अध्यापक अब विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। सीधी में आजाद अध्यापक संघ ने रैली का आयोजन किया तो मंडला में राज्य अध्यापक संघ ने बैठक आयोजित कर रणनीति बनाई। भरत पटेल वाले आजाद अध्यापक संघ ने तालाबंदी की धमकी दी है। जबकि शिल्पी शिवान के नेतृत्व वाले आजाद अध्यापक संघ की महिला अध्यापकों ने मुंडन कराने का ऐलान किया है। सभी संगठन अपनी अपनी रणनीति के अनुसार भोपाल की तरफ बढ़ रहे हैं। 

सीधी में आक्रोश रैली 
आजाद अध्यापक संघ के प्रांतीय आह्वान एवं प्रांताध्यक्ष भरत पटेल के निर्देश पर जिलाध्यक्ष हरीश मिश्र एवं प्रदेश उपाध्यक्ष विजय तिवारी के नेतृत्व में सरकार द्वारा अध्यापकों के सम्मेलन के नाम पर छले जाने के विरोध स्वरूप शिक्षा विभाग में संविलियन ,सातवां वेतनमान ,मातृत्व अवकाश ,बंधनमुक्त स्थानांतरण नीति की मांग को लेकर जिले के पूजा पार्क से कलेक्ट्रेट परिसर तक लगभग 500 अध्यापकों के साथ आक्रोश रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। 

जिलाध्यक्ष हरीश मिश्रा ने अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अध्यापकों की मांगों पर लगातार तारीख पर तारीख देने से अध्यापकों में आक्रोश व्याप्त है ।संवैधानिक पदों पर आसीन माननीयों के आश्वासन एवं वादा का पालन यदि उन्हीं के द्वारा नहीं किया जाएगा तो आम जनमानस का लोकतंत्र से विश्वास उठ जाएगा ।आक्रोश रैली के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अध्यापकों की मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शिक्षा विभाग में संविलियन के आदेश जारी करने की मांग की गई।

प्रदेश उपाध्यक्ष विजय तिवारी ने कहा कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले हम अध्यापकों को शिक्षा विभाग में संविलियन जैसे अपने जायज अधिकार के लिए बार-बार सड़कों पर अपना आक्रोश जताना दुर्भाग्यपूर्ण है ,आज की इस आक्रोश रैली के बाद यदि अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन नहीं होता तो आगामी 21 जनवरी को प्रदेश का हर अध्यापक भोपाल में संवैधानिक पदों की गरिमा और लोकतंत्र को बचाने के लिए अध्यापक महाआंदोलन के मंच पर तब तक डाटा रहेगा जब तक शिक्षा विभाग में संविलियन के आदेश जारी ना हो जाएं। 

आजाद अध्यापक संघ ने जिले के सभी प्राचार्य से यह भी आग्रह किया कि शासन के 21 दिसंबर 2017 के आदेश अनुसार अध्यापकों का छठवें वेतनमान का निर्धारण करें अन्यथा की स्थिति में आजाद अध्यापक संघ के प्राचार्यों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही के साथ ही आंदोलनात्मक उठाने बाध्य होगा । आक्रोश रैली में डॉ राजेश पांडे ,वीरेश सिंह ,आरबी सिंह ,अरुणेंद्र मिश्रा ,सुखधाम सिंह ,सूर्य नारायण सिंह ,संतोष प्रजापति ,विनय मिश्रा ,अरुण सिंह ,शैलेंद्र प्रताप सिंह बालेंद्र ,शैलेंद्र सिंह चौहान ,प्रभात तिवारी ,सतीश पांडे महेश प्रजापति ,लालमणि प्रजापति ,राघवेंद्र राव, के के मिश्रा पप्पू कनिका छोटे लाल कुशवाहा रजनीश मिश्रा ,अखिल शुक्ला ,रमेश विश्वकर्मा ,डॉ राकेश सिंह ममता सूर्यवंशी ,सुषमा माझी ,उपेंद्र शुक्ला ,धर्मेंद्र सिंह शैलेंद्र सिंह बालेंदु, शिव शंकर मिश्रा  मनीषा तिवारी गिरधारी लाल साकेत पुष्पराज बघेल दिनेश ,प्रभात त्रिपाठी ,अरुणेंद्र मिश् सुशील यादव, कामता सोनी मुरली कोल ,नितिन सराठे सहित 500 से ऊपर की संख्या में अध्यापकों ने भाग लिया

मंडला में राज्य अध्यापक संघ की बैठक का आयोजन 
अध्यापक संघ की जिला स्तरीय बैठक रविवार को रपटा घाट में आयोजित की गई है जिसमें छठवें वेतनमान के सम्बंध में 21 दिसम्बर को जारी हुये छटवें वेतन के मार्गदर्शन पत्र की समीक्षा की गई जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस मार्गदर्शन पत्र के अनुसार वेतन निर्धारण की कार्यवाही कराई जाऐगी। समीक्षा के आधार पर न्यायालय में अध्यापकों का पक्ष रखा जायेगा जिसमें ग्रीन कार्ड का लाभ, शिक्षाकर्मी पीरियड के समय की अतिरिक्त वेतन वृद्धियों का लाभ तथा छः माह से अधिक समय को एक पूर्ण वर्ष मानकर लाभ दिलाने के लिए अपना पक्ष रखा जाऐगा। 

बैठक में राज्य अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष डी के सिंगौर ने बताया कि जिनका संवलियन 2007  को हुआ है उनको नये मार्ग दर्शन से काफी लाभ होगा जिनका संविलियन 2007 के बाद हुआ है उनका वेतन मामूली रूप से कम हुआ है और उसका कारण दिसंबर २०१५ का बेसिक १५ अक्टूबर के आदेश की टेबिल में न मिलने पर अगली स्टेज से वेतन निर्धारण करने के कारण हुआ है इस प्रकार की वेतन में कमी ग्राह्य है ऐसे अध्यापक यदि याचिका में शामिल है तो कम से कम उनकी रिकवरी की स्तिथि नही बनेगी वे चाहे तो कोर्ट के निर्णय होते तक बढ़ा हुआ वेतन ही ले सकते हैं। 

बैठक में यह बात स्वीकार की गई कि न्यायलय की शरण में जाने से लाभ हुआ है और छटवें वेतन के सही निर्धारण से सातवें वेतनमान में भी इसका लाभ अवश्य मिलेगा. राज्य अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष डी के सिंगौर ने बताया कि इस सम्बंध में दायर याचिका पर सुनवाई 12 जनवरी को होना है और सरकार 21 दिसम्बर के पत्र के आधार पर स्टे वेकेट कराने की कोशिश करेगी । जहाँ हम अपनी वेतन वृद्धि और सेवा अवधि की गणना का पक्ष पूरी मजबूती से रखेंगे। संघ की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संघ 2007 से छठवें वेतन मान लेने के लिए कोर्ट में नई याचिका दायर करेगा। 

बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि जल्दी ही संघ अंशदायी पेशन को बंद करके पुरानी पेंशन की मांग के लिए कोर्ट में याचिका दायर करेगा। बैठक में उन अध्यापकों की जानकरी भी दी गई, जो एनएसडीएल के अनुसार नान आई आर ए हैं साथ ही  जिनके प्रान में नामिनी का उल्लेख नहीं है, ऐसे अध्यापकों को संबंधित फार्म भरकर संकुल में जमा करने को कहा गया. आज की बैठक में सुनील नामदेव, अजय मरावी, प्रकाश सिंगौर, ओमप्रकाश पटैल, अभिषेक झारिया, ब्रजेश तिवारी, मोहिस खान, गंगाराम यादव, चंद्रशेखर तिवारी, गौरव अग्रवाल, श्याम बैरागी, हुलकर उइके, महेश मरकाम, आशीष वासनिक, राजेंद्र विसेन, विवेक मिश्रा, उदय सिंह उइके, संजीव दुबे, जयदेव मार्को, मुकेश सिंगौर, पतिराम डिबरिया, संजीव सोनी आदि उपस्थित रहे.

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