MRP से ज्यादा पर सामान बेचा तो 1 लाख जुर्माना और जेल | BUSINESS NEWS

Tuesday, December 12, 2017

नई दिल्ली। प्री-पैक्ड वस्तुओं (PRE-PACKED GOODS) को एमआरपी से ज्यादा बेचने वालों के लिए बुरी खबर है। यदि अब उन्होंने ऐसा किया तो उन्हे भारी जुर्माना अदा करना पड़ सकता है। यह 25 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक होगा। यदि वो बार बार ऐसा करते हैं तो उन्हे जेल भी भेजा जा सकता है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का कहना है कि एमआरपी से ज्यादा पर सामान बेचना केवल ग्राहकों के साथ ठगी नहीं है बल्कि TAX की चोरी भी है। ऐसे मामलों में लीगल मेट्रोलॉजी अधिनियम (LEGAL METROLOGY ACT) की धारा 36 के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

फेडरेशन ऑफ होटल और रेस्त्रां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) की ओर से दायर एक याचिका के जवाब में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि छपी कीमत से ज्यादा पैसे वसूल करना उपभोक्ता के अधिकारों (CONSUMER RIGHTS) का हनन है। यहां तक कि ये टैक्स चोरी को बढ़ावा देता है।

सरकार ने कहा कि पानी की बोतलों पर छपी कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने के चलन से सरकार को भी सर्विस टैक्स और एक्साइज ड्यूटी में नुकसान उठाना पड़ता है। मंत्रालय का कहना है कि प्री-पैक्ड या प्री-पैकेज्ड प्रॉडक्ट्स (PRE-PACKED PRODUCTS) पर छपी कीमत से ज्यादा पैसे वसूलना लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत एक अपराध माना जाता है।

गौरतलब है कि साल 2015 में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कीमत से ज्यादा पैसे वसूल रहे विक्रेताओं पर कार्रवाई करने के सरकार के अधिकार को सही ठहराया था। होटल एसोसिएशन की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी।

लीगल मेट्रोलॉजी अधिनियम की धारा 36 बताती है कि कोई भी व्यक्ति अगर किसी प्री-पैक्ड वस्तु को उस कीमत पर बेचते या वितरित करते हुए पाया जाता है जो कि पैकेज पर अंकित घोषणाओं के अनुरूप नहीं है उसे दंड दिया जा सकता है। उस पर पहले अपराध के रूप में 25,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। वहीं ऐसा अपराध दूसरी बार होने पर यह जुर्माना राशि 50,000 तक जा सकती है। इसके अलावा बार बार इस तरह का अपराध करने पर 1 लाख तक का जुर्माना या फिर जेल की सजा का प्रावधान या फिर दोनों तरह के दंड दिए जा सकते हैं।

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