125 साल का स्कूल, यूनिफार्म में शामिल है गांधी टोपी

Monday, October 2, 2017

आज के दौर में देश ने भले ही राष्ट्रपिता गांधी की बातें और उनके आदर्शों को भूला दिया हो, लेकिन मध्य प्रदेश के हरदा में एक शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले छात्र पिछले 125 सालों से स्कूल में गांधी टोपी पहनने की परंपरा का पालन कर रहे हैं. 125 साल पुराना यह स्कूल जिले की शान है और यह इलाके में टोपी वाला स्कूल के नाम से जाना जाता है. हरदा जिले के छिपावड गांव में स्थित 'शासकीय उच्चतर बुनियादी शाला' स्कूल की स्थापना 1 जनवरी 1892 को हुई थी. उस समय स्कूल में गांधी टोपी पहनने की शुरुआत आज स्कूल में एक परंपरा का रूप ले चुकी है.

यहां पढ़ने वाले छात्र गांधी टोपी पहनकर आते हैं. छात्रों का कहना है की गांधी टोपी पहनकर आना उन्हें अच्छा लगता है और वे यह काम अपनी मर्जी और खुशी से करते हैं. छात्रों का कहना है कि उन्हें गांधी टोपी पहनने से गर्व महसूस होता है. साथ ही गांधीजी के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा मिलती है. संभाग का सबसे पुराना यह स्कूल और भी कई विशेषताएं खुद में समेटे हुए है. स्कूल में 1892 से लेकर आज तक स्कूल में पढ़ने वाले सभी छात्रों का रिकॉर्ड सुरक्षित है.

स्कूल को बुनियादी नाम इसलिए दिया गया, क्योंकि यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन यापन के लिए प्रशिक्षित भी किया जाता था. उस समय छात्रों को चरखा चलाना सिखाया जाता था, जिससे कि वे आत्मनिर्भर बने. भले ही यह चरखा चलाने की बात पुरानी हो गई हो, लेकिन आज भी स्कूल में बच्चे चरखा चलाना सीखते हैं. स्कूल में 8वीं तक कक्षाएं संचालित होती हैं, जिसमें लगभग 250 छात्र पढ़ते हैं और सभी स्कूल में गांधी टोपी पहनकर आते हैं.

और अधिक समाचारों के लिए अगले पेज पर जाएं, दोस्तों के साथ साझा करने नीचे क्लिक करें

-----------

अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें

mgid

Loading...

Popular News This Week