MP: गुस्साए किसानों ने आॅफिस पर कब्जा किया, अधिकारियों को बंधक बनाया

Updesh Awasthee
दमोह। प्रदेश में किसानों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है, आज फिर बिजली समस्या से परेशान होकर जिले के लगभग 50 गांव के किसान एक साथ सड़कों पर उतर आए, और इस बार किसानों का गुस्सा बिजली विभाग पर फूटा है, बिजली दफ्तर पर पहुंचे किसानों ने अधिकारियों के बंधक बना लिया। हालात बिगड़ने की संभावना बनी हुई है। प्रदेश के कद्दावर भाजपा नेता प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री और मौजूदा बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया के गांव और उससे लगे लगभग पचास गांव के किसान सड़कों पर उतर आए। 

मामला तब संवेदनशील हो गया जब आज दोपहर के बाद एक साथ सैकड़ों किसान मोटर साइकिलों पर सवार होकर हिनौता के बिजली दफ्तर पहुंच गए, और सैकड़ों किसानों ने बिजली दफ्तर पर कब्ज़ा कर लिया और कर्मचारियों को बंधक बना दिया। घंटे भर से ज्यादा बंद रहे बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को जब बाहर निकाला गया तो आक्रोश और बढ़ गया। किसानों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों को सरेआम खरी खोटी सुनाई।

किसानों का कहना है की उनसे पर्याप्त बिजली बिल वसूला जा रहा है लेकिन उसकी हालत जानवरों से भी ज्यादा खराब है, जिससे किसान और ग्रामीण तंग आ चुके हैं। हंगामें और कर्मचारियों को बंधक बनाये जाने की खबर में बाद जिला मुख्यालय से पुलिस बल हिनौता भेजा गया वहीं हालात शांत करने की कोशिश की गई।

क्या कहते हैं अधिकारी
विधुत मंडल के अधिकारी कहते हैं कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा, अफसरों की दलील है कि, किसानों को मिलने वाले बिजली के परमिट पर्याप्त दिए गए हैं और अटल ज्योति योजना के तहत भी बिजली सप्लाई हो रही है। ऐसे में समस्या नहीं होनी चाहिए, लेकिन किसानों से जबरन पैसा वसूली और दूसरी शिकायते आती हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। घंटो चले हंगामे के बीच फिलहाल किसानों को समझकर बिजली दफ्तर से हटा दिया गया है, फिलहाल पुलिस बल भी हिनौता में तैनात किया गया है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

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