दो कौड़ी के इतिहासकार अकबर को महान बताते हैं: कैलाश विजयवर्गीय

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दो कौड़ी के इतिहासकार अकबर को महान बताते हैं: कैलाश विजयवर्गीय

अलवर। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इतिहासकारों पर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि दो कौड़ी के इतिहासकार महान महाराणा प्रताप और शिवाजी को भगोड़ा बताते हैं और दुश्मन अकबर को महान। हमें विश्व के इतिहास से वे पन्ने फड़वाने पड़ेंगे, जहां महाराणा प्रताप और शिवाजी को भगोड़ा कहा गया है और अकबर को महान बताया गया है।

भाजपा की ओर से मंगलवार को प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित महाराणा प्रताप और वीर सावरकर जयंती महोत्सव में राष्ट्रीय महामंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इनकी महानता तभी संभव होगी, जब देश का झंडा विश्व गुरू के रूप में पहचान बनाएगा। इतिहासकार जिसे महान बताते हैं, उसमें तो 80 किलो वजन नहीं था, जबकि 7.5 फीट की लंबाई वाले महाराणा प्रताप 80 किलो का भाला, 70 किलो का छाती का कवच और 200 किलो वजन के तलवार सहित अन्य सामान लेकर चलते थे।

अकबर का हिंदू विरोध
इतिहासकार दशरथ शर्मा बताते हैं, कि हम अकबर को उसके दरबार के इतिहास और वर्णनों जैसे अकबरनामा, आदि के अनुसार महान कहते हैं। यदि कोई अन्य उल्लेखनीय कार्यों की ओर देखे, जैसे दलपत विलास, तब स्पष्ट हो जाएगा कि अकबर अपने हिन्दू सामंतों से कितना अभद्र व्यवहार किया करता था। अकबर के नवरत्न राजा मानसिंह द्वारा विश्वनाथ मंदिर के निर्माण को अकबर की अनुमति के बाद किए जाने के कारण हिन्दुओं ने उस मंदिर में जाने का बहिष्कार कर दिया। कारण साफ था, कि राजा मानसिंह के परिवार के अकबर से वैवाहिक संबंध थे। अकबर के हिन्दू सामंत उसकी अनुमति के बगैर मंदिर निर्माण तक नहीं करा सकते थे। बंगाल में राजा मानसिंह ने एक मंदिर का निर्माण बिना अनुमति के आरंभ किया, तो अकबर ने पता चलने पर उसे रुकवा दिया और 1595 में उसे मस्जिद में बदलने के आदेश दिए।