नईदिल्ली। केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2017-18 पेश करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के अंतर्गत सरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) में सुधारों को लागू करेगी। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों को और ज्यादा प्रशासनिक एवं शैक्षणिक स्वायत्तता दी जाएगी।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रत्यायन और रैंकिंग के आधार पर कॉलेजों की पहचान की जाएगी और उन्हें स्वायत्तता प्राप्त संस्थान का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित प्रत्यायन और क्रेडिट आधारित कार्यक्रमों के लिए एक संशोधित रूपरेखा तैयार की जाएगी।
एडमिशन के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की स्थापना
केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2017-18 प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थाओं के लिए सभी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए स्वायत्त और स्व-संपोषित प्रमुख परीक्षा संगठन के रूप में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की स्थापना का प्रस्ताव किया है। इससे सीबीएसई, एआईसीटीई और अन्य प्रमुख संस्थानों को इन प्रशासनिक उत्तरदायित्वों से मुक्त कर दिया जाएगा, ताकि वे शैक्षिक कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकें।