दर्जनों लोगों को बचाया, खुद जिंदा जल गया | कांस्टेबल भीमराव को सलाम

हैदराबाद। इमारत में लगी आग और उसमें फंसे लोगों को बचाने के लिए बिल्डिंग में घुसे पुलिस के एक सिपाही ने करीब 20 लोगों को जिंदा बचा लिया लेकिन खुद जिंदा जल गया। जब तक उसे अस्पताल दाखिल कराते, वो दम तोड़ चुका था। दर्जनों लोगों की जान बचाने वाले इस बहादुर जवान का नाम भीमराव है। 

एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार, हैदराबाद के हुमायुं नगर में सोवार को एक बहु मंजिला इमारत में आग लग गई। आग धीरे धीरे विकराल हो गई और बिल्डिंग में मौजूद 20 लोग फंस गए। घटना की जानकारी इलाके में तैनात सिपाही भीम राव को मिली तो वह भागकर मौके पर पहुंचे। बहादुर सिपाही राव ने देखा कि बिल्डिंग की पहली मंजिल पूरी तरह से आग की चपेट में आ चुकी है और ऊपर की मंजिलों में लोग फंसे हुए हैं। इसके बाद उन्होंने कोई देरी किए बिना ही दूसरी मंजिल में फंसे लोगों को बचाने के लिए बिल्डिंग में घुस गए।

कुछ लोगों को फ्लैटों ने उन्होंने बाहर निकाला लेकिन बिल्डिंग में कई बुजुर्ग लोग भी थे जो अपने आप बिल्डिंग से बाहर नहीं आ सकते थे। आग की चपेट में आए लोग बचाने की गुहार लगा रहे थे। लोगों की गुहार सुनकर जवान भीम राव को रहा नहीं गया वह बिल्डिंग के दूसरे फ्लैटों में मौजूद बुजुर्ग और बच्चों को बचाने में लग गए। इधर आग फैलकर उन फ्लैटों तक पहुंच चुकी थी जहां भीम राव लोगों को बचाने में जुटे थे। आग ने पूरे फ्लोर को चपेट में ले लिया और भीमराव फ्लैट के अंदर ही फंस गए। जब तक फायर ब्रिगेड की टीम उन्हें बचाने के लिए पहुंचती तब तक वह आग में बुरी तरह झुलस चुके थे।

बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने जवान भीम राव को बिल्डिंग से निकाला और अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान उपकी मौत हो गई। स्‍थानीय लोगों ने बताया कि भीव राव ज्यादा लोगों की जान बचाने के लिए फ्लैट में रखे गैस सिलिंडरों को किचन में सुरक्षित स्थान पर रखा जिससे कई लोगों को जान बचाई जा सकी। बहादुरी और मानवता की मिसाल देने वाले जवान भीम राव ने 2009 में नौकरी ज्वाइन की थी और कुछ दिन पहले ही छत्रीनाका चौकी से उनका तबादला हुमांयु नगर थाने में हुआ था।
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