पुराने नोटों की सड़क बनाएगी मोदी सरकार

Updesh Awasthee
नोटबंदी के साथ ही मार्केट से पुराने नोट बड़ी संख्या में RBI के पास पहुंचने लगे हैं। उधर RBI ने भी इस पुराने नोटों को ठिकाने लगाने के कम को शुरू कर दिया है। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की माने तो ये काम पहले ही शुरू किया जा चुका है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि RBI के मुताबिक मार्च 2016 में देश में 15,707 मिलियन 500 रुपये के नोट प्रचलन में थे जबकि 1000 रुपये के नोटों की संख्या 6,326 मिलियन थी जो जल्द ही वापस बैंक के पास पहुंच जाएगी। 

नोटों से ईटें तैयार की जाएंगी, सड़कों के गड्ढे भरेंगे
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक RBI इन नोटों को रिसाइक्लिंग नहीं करता क्योंकि ये संभव ही नहीं है। ऐसे में सबसे पहले इनकी श्रेडिंग की जाएगी और फिर इन्हें पिघलाकर कोयले की ईंटें तैयार की जाएंगी। जी हां, आप सही सुन रहे हैं इन नोटों से ईटें तैयार की जाएंगी जो सरकारी कॉन्ट्रैक्टर्स में बांट दी जाएंगी। आपको बता दें कि इन ईटों का इस्तेमाल लैंड फिलिंग, सड़कों के गड्ढे भरने और कहीं-कहीं तो सड़कें बनाने के लिए भी किया जाएगा। 

इंग्लैंड में पुराने नोटों से खाद बनाई जाती है 
सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सुरक्षा की दृष्टि से नोटों को वापस लेने जैसे फैसले लेते रहते हैं। आपको बता दें कि यूरोप के कई देशों में तो पुराने नोटों को जलाकर बिल्डिंग गर्म रखने तक का काम भी किया जा चुका है। साल 1990 तक बैंक ऑफ इंग्लैंड पुराने नोटों को जलाकर अपनी इमारतें गर्म रखता था। हालांकि साल 2000 के बाद से इंग्लैंड में पुराने नोटों से खाद तैयार की जाती है। 

अमेरिका नोटों से कलात्मक सामान बनाता है 
अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व पुराने नोटों की RBI की तरह ही श्रेडिंग कर इन्हें कलात्मक और अन्य इस्तेमाल के लिए सौंप देता है। 2012 में हंगरी के केंद्रीय बैंक ने प्रचलन से बाहर हुए नोटों को जला दिया था ताकि गरीब लोग सर्दी में आग सेंक सकें। इसके बाद इनकी ईंटें तैयार की गईं और फिर उन्हें मानवाधिकार संगठनों को सौंप दिया गया।
Tags

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!