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मप्र में गौरक्षकों का शिवराज सरकार को 1 माह का अल्टीमेटम

भोपाल। मध्यप्रदेश गौ सेवक संघ ने शिवराज सिंह सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि अगले 1 माह में उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश गौ सेवक संघ के पदाधिकारी आज सोमवार को एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव चौरगड़े ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार गौ सेवकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रही है। बलदेव चौरगड़े का कहना है कि देश के आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों में कार्यरत प्रत्येक गौ सेवकों को 2500 से 3500 रुपए मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश में कार्यरत गौ सेवकों को आज तक मानदेय राशि का भुगतान नहीं हुआ। बलदेव चौरगड़े ने प्रदेश के करीब 23500 गौ सेवकों को जल्द से जल्द 5000 रुपए की मानदेय राशि का भुगतान किए जाने की मांग राज्य सरकार से की है।

बलदेव चौरगड़े ने आगे आरोप लगाया कि गौ सेवकों द्वारा पशुसंगणना, प्राथमिक उपचार, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, डिवारमिंग एवं अधियाकरण शिविरों का आयोजन समय—समय पर किया जाता है, लेकिन मानदेय राशि के अभाव में पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करना संभव नहीं हो पाता। इसलिए सरकार को गौ सेवकों की मांगों का जल्द से जल्द निराकरण करना चाहिए।

बलदेव चौरगड़े ने इंडिया वन समाचार के एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश गौ सेवकों की करीब 13 वर्षों से लंबित मांगों का निराकरण करने के लिए संगठन द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पशुपालन मंत्री अंतर सिंह आर्य को लिखित आवदेन सौंपा गया है। बलदेव चौरगड़े का कहना है कि सरकार अपने गौ सेवकों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
बलदेव चौरगड़े का कहना है कि यदि सरकार ने एक माह के अंदर गौ सेवकों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो प्रदेश के करीब 23500 गौ सेवक आगामी 22 दिसंबर को राज्य सरकार के खिलाफ राजधानी भोपाल में उग्र प्रदर्शन करेंगे।

गौ सेवक संघ मध्यप्रदेश की प्रमुख मांगें:-
  1. प्रत्येक गौ सेवकों को पांच हजार रुपए नियमित मानदेय राशि दी जाए।
  2. कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके गौ सेवकों को सीमन नाइट्रोजन नि:शुल्क दिया जाए।
  3. भारत सरकार द्वारा संचालित एनपीबीबी योजना (मैत्री) के अंतर्गत एक हजार गौ सेवकों को निर्धारित 1500 रुपए मानदेय को बदलकर 5000 रुपए की मानदेय राशि का भुगतान किया जाए।
  4. पंचायत राज संचालनालय में गौ सेवकों की नियुक्ति प्रदान कर पंचायत सचिवालय में एक कक्ष आवंटित कर समस्त सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
  5. समस्त गौ सेवकों द्वारा किए जा रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन प्रतिमाह मासिक बैठक में किया जाए।
  6. कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके गौ सेवक द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी शासन स्तर तक पहुंचाई जाए।
  7. मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 20 वीं पशुसंगणना में गौ सेवकों की ड्यूटी लगातार पशुसंगणना कराई जाए।